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सोमवार, 5 अक्टूबर 2026 · सुबह 5:46 · नई दिल्ली संस्करण

नदियों के जलस्तर में उछाल, गंगा-कोसी को लेकर प्रशासन सतर्क

राष्ट्रीय सागर डेस्क2 मिनट का पठन
नदियों के जलस्तर में उछाल, गंगा-कोसी को लेकर प्रशासन सतर्क

भागलपुर। गंगा और कोसी नदियों के जलस्तर में हो रही लगातार वृद्धि से नवगछिया अनुमंडल के तटवर्ती इलाकों में खतरे की घंटी बज गई है। नदियों का पानी अब तटबंधों के बेहद करीब पहुंच चुका है, जिससे निचले इलाकों में रहने वाले ग्रामीणों की चिंताएं बढ़ गई हैं।

हालांकि, जल संसाधन विभाग का दावा है कि सभी तटबंध फिलहाल पूरी तरह सुरक्षित हैं और स्थिति नियंत्रण में है। मंगलवार सुबह छह बजे तक मिले सरकारी आंकड़ों के अनुसार, जेबी चोरहर में कोसी नदी का उफान सबसे ज्यादा डराने वाला है। यहाँ कोसी का जलस्तर 5 सेंटीमीटर बढ़कर 30.85 मीटर पर पहुंच गया है, जो चेतावनी स्तर (30.77 मीटर) से 8 सेंटीमीटर ऊपर है। यहाँ खतरे का निशान 31.77 मीटर निर्धारित है। बढ़ते पानी के कारण बागजान जमींदारी बांध के कई बिंदुओं पर नदी का पानी तटबंध को छूने लगा है। वहीं, मदरौनी में भी कोसी के जलस्तर में 9 सेंटीमीटर की बढ़त दर्ज की गई है, जहाँ नदी 30.12 मीटर पर बह रही है। दूसरी ओर, गंगा नदी के जलस्तर में भी पिछले 24 घंटों के दौरान तेजी से बढ़ोतरी दर्ज की गई है।

इस्माईलपुर-बिंद टोली में गंगा नदी 13 सेंटीमीटर की बढ़ोतरी के साथ 30.43 मीटर पर बह रही है। यहाँ चेतावनी स्तर 30.60 मीटर और खतरे का निशान 31.60 मीटर है। स्थिति यह है कि गंगा का पानी यहाँ तटबंध के टो (निचले हिस्से) तक पहुंच चुका है। इसके अलावा, राघोपुर में गंगा के जलस्तर में 20 सेंटीमीटर की भारी वृद्धि दर्ज की गई है, जिससे जलस्तर 31.45 मीटर पर पहुंच गया है। राहत की बात यह है कि काजीकोरैया-राघोपुर मार्जिनल बांध अभी सुरक्षित है। नदियों के इस रौद्र रूप को देखते हुए प्रशासन पूरी तरह मुस्तैद हो गया है।

विभागीय अधिकारियों और अभियंताओं को चौबीसों घंटे 'अलर्ट मोड' पर रहने के निर्देश दिए गए हैं। इस्माईलपुर-बिंद टोली, राघोपुर और जेबी चोरहर जैसे संवेदनशील इलाकों में पानी के दबाव को देखते हुए तटबंधों पर गश्त (पेट्रोलिंग) तेज कर दी गई है। प्रशासन का कहना है कि यदि जलस्तर में वृद्धि का यह सिलसिला जारी रहा तो बांधों पर दबाव और बढ़ सकता है, जिससे निपटने के लिए सभी आवश्यक बचाव व सुरक्षात्मक कदम उठाए जा रहे हैं।

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