मुख्य सामग्री पर जाएँ
ब्रेकिंग
Rajasthan Panchayat Election 2026: पंचायत चुनाव का ऐलान, 4 चरणों में होगी वोटिंग, जानिए पूरा शेड्यूलमुंबई में CJP का प्रदर्शन पड़ा भारी! जेल भरो आंदोलन पर FIR, आयोजकों में हड़कंपज्ञानेश कुमार पर चले लोकतंत्र की हत्या का मुकदमा! प्रमोद तिवारी का बड़ा हमलाBJP का झंडा उतारने वाले संजयन त्रिपाठी अब साइकिल पर सवार, समाजवादी पार्टी में हुए शामिलCM Yogi का बड़ा तोहफा: 4.60 लाख छात्रों के खाते में आई छात्रवृत्ति, आपके खाते में आई क्या? चेक करेंNoida: सुपरनोवा की 43वीं मंजिल से युवक ने लगाई छलांग, मौके पर दर्दनाक मौत, सोसाइटी में हड़कंपमुंबई प्रदर्शन के बाद CJP का दिल्ली कूच का ऐलान, अभिजीत दिपके ने कही ये बड़ी बातगठबंधन में फूट! रायबरेली से डरते थे राहुल गांधी! सपा नेता का बड़ा खुलासा, अखिलेश ने दी थी धमकी

सोमवार, 5 अक्टूबर 2026 · रात 3:16 · नई दिल्ली संस्करण

'पेपर लीक बिल' पर चर्चा टलने पर रिजिजू का विपक्ष पर निशाना

राष्ट्रीय सागर डेस्क1 मिनट का पठन
'पेपर लीक बिल' पर चर्चा टलने पर रिजिजू का विपक्ष पर निशाना

नई दिल्ली। संसदीय कार्य मंत्री किरेन रिजिजू ने कहा कि देशभर के छात्रों की मांगों और हाल में हुए छात्र आंदोलन को ध्यान में रखते हुए सरकार परीक्षा में पेपर लीक और अनुचित साधनों पर रोक लगाने के लिए आज एक बेहद महत्वपूर्ण विधेयक संसद में लेकर आई है। उन्होंने कहा कि यदि इतने बड़े छात्र आंदोलन के बाद भी इस मुद्दे पर संसद में चर्चा नहीं हो पाती, तो यह न संसद के लिए अच्छा है और न ही लोकतंत्र के लिए। ससंद बहस और चर्चा का सर्वोच्च मंच है, इसलिए ऐसे महत्वपूर्ण विषयों पर यहीं सार्थक चर्चा होनी चाहिए।

रिजिजू ने संसद भवन परिसर में पत्रकारों से बातचीत में आरोप लगाया कि कांग्रेस और कुछ विपक्षी दल इस विधेयक पर चर्चा नहीं होने दे रहे हैं तथा नारेबाजी, काले कार्ड दिखाकर और अन्य तरीकों से सदन की कार्यवाही बाधित कर रहे हैं। उन्होंने कांग्रेस और विपक्षी दलों से अपील की कि वे देश के छात्रों की भावनाओं को समझें और हंगामा करने के बजाय इस महत्वपूर्ण विधेयक पर चर्चा में भाग लें।

उन्होंने कहा कि प्रधानमंत्री ने परीक्षा व्यवस्था में सुधार के लिए बड़ा निर्णय लिया है और इसके लिए एक टास्क फोर्स का गठन भी किया गया है। उन्होंने कहा कि यह ऐतिहासिक विधेयक पेपर लीक रोकने के लिए सख्त और समयबद्ध प्रावधानों के साथ-साथ दोषियों के लिए कड़ी सजा का प्रावधान करता है, जिससे छात्रों का भविष्य अधिक सुरक्षित होगा। उन्होंने सभी दलों से छात्रों के हित को सर्वोपरि रखते हुए विधेयक पर गंभीर और सकारात्मक चर्चा करने की अपील की।

यह ख़बर दूसरों तक पहुँचाएँ

WhatsAppFacebookX

संबंधित ख़बरें