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सोमवार, 5 अक्टूबर 2026 · रात 3:17 · नई दिल्ली संस्करण

चलती महालक्ष्मी एक्सप्रेस में धुएं की सूचना, यात्रियों में दहशत; रेलकर्मियों ने संभाली स्थिति

राष्ट्रीय सागर डेस्क3 मिनट का पठन
चलती महालक्ष्मी एक्सप्रेस में धुएं की सूचना, यात्रियों में दहशत; रेलकर्मियों ने संभाली स्थिति

मुंबई। मुंबई जा रही महालक्ष्मी एक्सप्रेस में मंगलवार सुबह धुआं निकलने से यात्रियों में हड़कंप मच गया। इसे लेकर सेंट्रल रेलवे के मुख्य जनसंपर्क अधिकारी (सीपीआरओ) स्वप्निल नीला ने आईएएनएस से बात की और बताया कि किस तरह स्थिति को संभाला गया।

स्वप्निल नीला ने कहा कि हर कोच के अंदर एफएसडीएस नाम की एक एडवांस वार्निंग सिस्टम लगाई जाती है, जो हमेशा किसी भी प्रकार के धुएं की जांच करती है। कोच में जैसे ही थोड़ा भी धुआं होता है, वह सिस्टम एक्टिवेट हो जाता है।

उन्होंने बताया कि मंगलवार सुबह 5:40 बजे महालक्ष्मी एक्सप्रेस के डी1 कोच में एसी घटना हुई।

धुआं निकलने के बाद एफएसडीएस सिस्टम ने उसे पहचान लिया। इसके बाद एक निर्धारित प्रक्रिया के तहत यात्रियों को सूचना दी गई कि कोच में धुआं पाया गया है और वे सुरक्षा के लिहाज से पास वाले कोच में चले जाएं।

सीपीआरओ ने बताया कि इस घटना की जानकारी तुरंत रेलवे कर्मचारियों और संबंधित सिस्टम तक पहुंचाई गई।

घटना के लगभग 5-6 मिनट के भीतर रेलवे कर्मचारी मौके पर पहुंच गए और उन्होंने धुआं निकलने के कारणों की जांच शुरू की। करीब 20 मिनट रुकने के बाद सुबह 6 बजे ट्रेन ने अपनी आगे की यात्रा फिर से शुरू कर दी।

रेलवे प्रशासन ने यात्रियों से अपील की है कि ऐसी किसी भी स्थिति में घबराएं नहीं और जल्दबाजी में ट्रेन से उतरने का प्रयास न करें।

कई बार बिना सुरक्षा उपायों के जल्दबाजी में उतरने से यात्रियों को खतरा हो सकता है। उन्होंने कहा कि अगर किसी आपात स्थिति में ट्रेन से उतरना पड़े तो यात्री ट्रैक की स्थिति देखकर ही कदम उठाएं। जिस दिशा में ट्रैक न हो, उसी तरफ उतरने का प्रयास करें। अगर दोनों ओर ट्रैक मौजूद हों तो पहले आने-जाने वाली ट्रेनों को देखकर ही उतरें और उतरने के बाद ट्रैक से दूर सुरक्षित स्थान पर खड़े हों।

वहीं, गणपति स्पेशल ट्रेनों को लेकर सीपीआरओ स्वप्निल नीला ने बताया कि हर साल की तरह इस साल भी गणेश उत्सव के दौरान कोंकण जाने वाले यात्रियों की सुविधा के लिए मध्य रेलवे ने विशेष ट्रेनों की व्यवस्था की है।

उन्होंने बताया कि इस वर्ष मध्य रेलवे ने कुल 246 स्पेशल ट्रेनों की घोषणा की है।

इनमें से 184 ट्रेनें रिजर्व श्रेणी की होंगी, जिनमें एसी, नॉन-एसी, स्लीपर क्लास और जनरल कोच शामिल होंगे। इसके अलावा 62 अनरिजर्व्ड स्पेशल ट्रेनें भी चलाई जाएंगी ताकि अंतिम समय में यात्रा करने वाले यात्रियों को सुविधा मिल सके।

ये सभी ट्रेनें 11 सितंबर से 27 सितंबर के बीच संचालित की जाएंगी।

इन ट्रेनों की बुकिंग 1, 2 और 3 अगस्त से चरणबद्ध तरीके से शुरू होंगी।

उन्होंने बताया कि छत्रपति शिवाजी महाराज टर्मिनस से 98 स्पेशल ट्रेनें, लोकमान्य तिलक टर्मिनस से 76 ट्रेनें और पुणे से 10 स्पेशल ट्रेनें चलाने की योजना है। वहीं, अनरिजर्व्ड ट्रेनें दिवा और अन्य स्थानों से संचालित की जाएंगी। डेस्टिनेशन के अनुसार, 112 ट्रेनें सावंतवाड़ी, 64 ट्रेनें रत्नागिरी, 8 ट्रेनें मडगांव, 32 ट्रेनें खेड़ और 30 ट्रेनें चिपलून तक चलाई जाएंगी।

सीपीआरओ ने कहा कि मध्य रेलवे का प्रयास है कि यात्रियों को बेहतर यात्रा अनुभव मिले और वे अपने परिवार के साथ गणेश उत्सव खुशी और सुविधापूर्वक मना सकें। उन्होंने कहा कि यात्रियों की जरूरत और कोंकण रेलवे की क्षमता को देखते हुए भविष्य में आवश्यकता पड़ने पर और भी स्पेशल ट्रेनें चलाई जा सकती हैं।

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