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सोमवार, 5 अक्टूबर 2026 · सुबह 11:29 · नई दिल्ली संस्करण

रियल टाइम वेदर मॉनिटरिंग: ऑब्जर्वेशन के लिए अपग्रेड किए जा रहे वेदर सिस्टम

राष्ट्रीय सागर डेस्क2 मिनट का पठन

जयपुर, । आमजन को मौसम की सटीक जानकारी देने के लिए प्रदेश भर में

लगे वेदर सिस्टम को अपग्रेड किया जा रहा है। सिस्टम को अपग्रेड करने का काम

हालांकि बढ़ते कोरोना संक्रमण के कारण प्रभावित रहा है, लेकिन अभी तक 25

स्टेशनों के वेदर सिस्टम को अपग्रेड कर दिया गया है और शेष को अपग्रेड करने

का काम जारी है। सिस्टम के अपग्रेड होने पर मौसम वैज्ञानिक रियल टाइम

वेदर मॉनिटरिंग-ऑब्जर्वेशन कर किसानों को मौसम की सटीक जानकारी दे पाएंगे

ताकि उनकी फसलों को मौसम से होने वाले नुकसान से बचाया जा सके।

मौसम

विज्ञान केंद्र के निदेशक राधेश्याम शर्मा ने बताया कि प्रदेश में कुल 40

वेदर स्टेशन बने हुए है। इनमें से 32 को अपग्रेड करने का काम साल 2020 में

शुरू कर दिया गया था लेकिन कोरोना के चलते काम गति नहीं पकड़ पाया था। अभी

तक 25 वेदर स्टेशनों को ही अपग्रेड किया जा सका है। वेदर स्टेशन के

अपग्रेड होने पर वेदर फॉरकास्ट करने में आसानी होगी। अपग्रेड स्टेशनों से

तापमान, वातावरण में नमी, वायुदाब और वर्षामापी से सही और सटीक जानकारी

तुरंत मिल जाएगी। ऐसे में मौसम की स्थिति के आधार पर बचाव राहत सहित अन्य

प्रकार के कदम समय पर उठाए जा सकेंगे।

-कुछ स्थानों पर स्थापित किए गए वेदर स्टेशन

निदेशक

ने बताया कि साल 2020 से पहले जिन जिलों में वेदर स्टेशन नहीं थे वहां पर

नए स्टेशन स्थापित किए गए है। ताकि इन जिलों की मौसम की जानकारी मिल सके।

पूर्व में बड़े शहरों के अलावा कुछ चुनिंदा स्थानों पर ही वेदर स्टेशन बने

हुए थे।

-करीब 90 लाख रुपये का खर्चा होगा अपग्रेडेशन पर

मौसम

विभाग के अधिकारियों की मानें तो एक वेदर सिस्टम को अपग्रेड करने में 2.5

से 3 लाख रुपये का खर्चा आएगा। ऐसे में 32 स्टेशनों को अपग्रेड करने पर

करीब 90 लाख रुपये का खर्चा आएगा।

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