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सोमवार, 5 अक्टूबर 2026 · रात 3:15 · नई दिल्ली संस्करण

आरबीआई 2028 तक लाएगा पॉलिमर नोट, गवर्नर बोले- फील्ड ट्रायल जारी

राष्ट्रीय सागर डेस्क2 मिनट का पठन
आरबीआई 2028 तक लाएगा पॉलिमर नोट, गवर्नर बोले- फील्ड ट्रायल जारी

मुंबई,। भारतीय रिजर्व बैंक (आरबीआई) के गवर्नर संजय मल्होत्रा ने बुधवार को कहा कि केंद्रीय बैंक वित्त वर्ष 2027-28 तक पॉलिमर करेंसी नोटों को प्रचलन में लाने का लक्ष्य लेकर काम कर रहा है। इसके लिए फिलहाल फील्ड ट्रायल जारी हैं, ताकि बड़े स्तर पर जारी करने से पहले इन नोटों की गुणवत्ता और प्रदर्शन का आकलन किया जा सके।

मौद्रिक नीति समिति (एमपीसी) की बैठक के फैसलों के बाद आयोजित मीडिया ब्रीफिंग में न्यूज एजेंसी आईएएनएस से बातचीत करते हुए संजय मल्होत्रा ने बताया कि पॉलिमर बैंक नोटों का पायलट कार्यक्रम अभी भी जारी है। उन्होंने कहा कि आरबीआई बाजार में नोट जारी करने से पहले उनका व्यापक परीक्षण करेगा, ताकि यह सुनिश्चित किया जा सके कि वे भारतीय परिस्थितियों में प्रभावी और टिकाऊ साबित हों।

आरबीआई गवर्नर ने संकेत दिया कि फील्ड ट्रायल के नतीजों का विस्तृत मूल्यांकन करने के बाद ही इन नोटों को बड़े पैमाने पर चलन में लाने पर अंतिम फैसला लिया जाएगा। उन्होंने कहा कि केंद्रीय बैंक का लक्ष्य वित्त वर्ष 2028 तक पॉलिमर नोटों को प्रचलन में लाना है।

गौरतलब है कि हाल ही में वित्त मंत्रालय ने संसद को जानकारी दी थी कि सरकार ने आरबीआई के उस प्रस्ताव को मंजूरी दे दी है, जिसके तहत 10 रुपए और 20 रुपए के पॉलिमर नोटों का फील्ड ट्रायल किया जाना है।

सरकार के अनुसार, इस पायलट परियोजना के तहत आरबीआई 10 रुपए और 20 रुपए मूल्यवर्ग के एक-एक अरब (100 करोड़) पॉलिमर नोट जारी करने की योजना बना रहा है।

इन नोटों के जरिए उनकी मजबूती, टिकाऊपन और भारतीय मौसम व उपयोग की परिस्थितियों में उनकी उपयुक्तता का परीक्षण किया जाएगा।

आरबीआई का मानना है कि पॉलिमर बैंक नोट्स पारंपरिक कागजी नोटों की तुलना में अधिक टिकाऊ होते हैं। खासकर छोटे मूल्यवर्ग के नोट, जो सबसे अधिक इस्तेमाल होते हैं और जल्दी खराब हो जाते हैं, उनके लिए पॉलिमर नोट बेहतर विकल्प साबित हो सकते हैं।

इससे नोटों को बार-बार बदलने की लागत में भी कमी आने की उम्मीद है।

पॉलिमर नोटों में आधुनिक और उन्नत सुरक्षा फीचर्स भी जोड़े जा सकते हैं। इनमें पारदर्शी विंडो और नकली नोटों पर रोक लगाने वाले अत्याधुनिक सुरक्षा तत्व शामिल होते हैं, जिससे जालसाजी को रोकने में मदद मिल सकती है।

हालांकि, सरकार ने स्पष्ट किया है कि फिलहाल कागजी मुद्रा को पूरी तरह से हटाने का कोई प्रस्ताव नहीं है। यदि पॉलिमर नोट जारी किए जाते हैं, तो वे मौजूदा कागजी नोटों के साथ ही प्रचलन में रहेंगे।

आरबीआई ने यह भी कहा है कि पूरे देश में अलग-अलग जलवायु और उपयोग की परिस्थितियों में पॉलिमर नोटों के प्रदर्शन का आकलन किया जाएगा।

फील्ड ट्रायल और परिचालन संबंधी समीक्षा के नतीजों के आधार पर ही इनके व्यापक इस्तेमाल को लेकर अंतिम फैसला लिया जाएगा।

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