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सोमवार, 5 अक्टूबर 2026 · सुबह 6:13 · नई दिल्ली संस्करण

उमरेड करांडला अभयारण्य में दिखा दुर्लभ काला चीतल

राष्ट्रीय सागर डेस्क2 मिनट का पठन
उमरेड करांडला अभयारण्य में दिखा दुर्लभ काला चीतल

भंडारा। महाराष्ट्र के भंडारा जिले में स्थित उमरेड-पवनी-करांडला वन्यजीव अभयारण्य से एक बेहद दुर्लभ और चौंकाने वाली खबर सामने आई है।

यहां काले रंग का एक चीतल देखा गया है, जिसे प्रकृति का अनोखा चमत्कार माना जा रहा है। सामान्य रूप से चीतल हल्के भूरे या सुनहरे रंग के होते हैं और उनके शरीर पर सफेद धब्बे होते हैं। यह चीतल पूरी तरह काले रंग का है, जो इसे अन्य चीतलों से बिल्कुल अलग बनाता है।

जानकारों के अनुसार, इस तरह का काला चीतल बहुत ही कम देखने को मिलता है।

इसका कारण उसके शरीर में होने वाला एक विशेष प्रकार का आनुवंशिक बदलाव है, जिसकी वजह से उसका रंग गहरा काला हो जाता है। यही वजह है कि इसे बेहद दुर्लभ माना जाता है और वन्यजीव प्रेमियों के लिए यह खास आकर्षण का केंद्र बन गया है।

इस काले चीतल को उस समय देखा गया जब पर्यटक अभयारण्य में घूमने के लिए निकले थे।

उसी दौरान वन विभाग के कर्मचारियों की भी नजर इस पर पड़ी। जैसे ही लोगों ने इसे देखा, सभी हैरान रह गए और इसकी चर्चा तेजी से फैलने लगी। कई लोगों ने इसे अपने जीवन का अनोखा अनुभव बताया।

उमरेड-पवनी-करांडला वन्यजीव अभयारण्य पहले से ही बाघों के लिए प्रसिद्ध रहा है।

यहां बड़ी संख्या में बाघों के साथ-साथ कई अन्य वन्यजीव भी पाए जाते हैं। अब इस काले चीतल की मौजूदगी ने इस अभयारण्य की पहचान को और मजबूत कर दिया है।

वन विभाग के अधिकारियों का कहना है कि इस दुर्लभ चीतल की सुरक्षा पर विशेष ध्यान दिया जाएगा, ताकि इसे किसी प्रकार का खतरा न हो।

वन विभाग के अधिकरियों का मानना है कि इस खबर के सामने आने के बाद यह उम्मीद की जा रही है कि बड़ी संख्या में पर्यटक यहां पहुंचेंगे और इस अद्भुत काले चीतल की एक झलक पाने की कोशिश करेंगे।

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