25 साल बाद गिरफ्त में आया फिरौती का फरार अपराधी: दिल्ली पुलिस क्राइम ब्रांच ने मुंबई से दबोचा ‘सुनीत अग्रवाल उर्फ पप्पी उर्फ बबली’

25 साल बाद गिरफ्त में आया फिरौती का फरार अपराधी: दिल्ली पुलिस क्राइम ब्रांच ने मुंबई से दबोचा ‘सुनीत अग्रवाल उर्फ पप्पी उर्फ बबली’
नई दिल्ली, 11 जुलाई 2025। अपराध की कोई मियाद नहीं होती और कानून कभी भूलता नहीं—दिल्ली पुलिस क्राइम ब्रांच की एआरएससी टीम ने इस सिद्धांत को सच साबित करते हुए सन् 2000 के सनसनीखेज अपहरण‑और‑फिरौती मामले के मुख्य आरोपी सुनीत अग्रवाल को 25 साल की लंबी फरारी के बाद मुंबई से गिरफ्तार कर लिया।
मामला क्या था
30 जनवरी 2000 को कोतवाली थाना क्षेत्र में दर्ज एफआईआर‑53/2000 के अनुसार, दिल्ली निवासी कारोबारी श्रीनाथ यादव का अपहरण कर उनसे मोटी रकम की मांग की गई थी। आरोपी सूनित ने दो भाइयों के साथ मिलकर पीड़ित को चांदनी चौक, लाल किला, कालकाजी और सफदरजंग एयरपोर्ट पुल जैसी जगहों पर घुमाते हुए बंदूक की नोक पर धमकाया, बेरहमी से पीटा और भुगतान न करने पर जान से मारने की धमकी दी। गिरफ्तारी तो हुई, मगर जमानत पर रिहाइ के बाद तीनों भाई—सूनित, विनीत और पुनीत—मुकदमे से गायब हो गए। 15 अक्टूबर 2004 को अदालत ने उन्हें घोषित अपराधी (पीओ) घोषित कर दिया।
25 साल की फरारी, नई पहचान
दिल्ली से गायब होने के बाद सूनित ने न सिर्फ अपनी पहचान मिटा दी, बल्कि मुंबई के ठाणे, मलाड और कांदिवली जैसे इलाकों में छह‑छह महीने पर ठिकाना बदलता रहा। बी.कॉम. ड्रॉपआउट सूनित ने दो‑पहिया फाइनेंस से लेकर इमिटेशन ज्वेलरी तक का कारोबार खड़ा किया, शादी की, एक बेटा भी है—और समाज में ‘सम्मानित व्यापारी’ की छवि गढ़ ली।
गुप्त सूचना, तकनीकी निगरानी और गिरफ्तारी
एआरएससी के इंस्पेक्टर मंगेश त्यागी और रॉबिन त्यागी के नेतृत्व में बनाई गई विशेष टीम को सब‑इंस्पेक्टर संदीप संधू को मिली खुफिया जानकारी ने ब्रेक‑थ्रू दिया। उन्नत तकनीकी सर्विलांस और मानवीय खुफिया नेटवर्क की मदद से टीम 4 जुलाई 2025 को मुंबई पहुंची और मलाड स्थित उसके कारोबारी दफ़्तर में नाटकीय घेराबंदी कर सूनित को काबू किया। पूछताछ में उसने स्वीकार किया कि वह लगातार हुलिया, पता और मोबाइल नंबर बदलता रहा ताकि पुलिस की पकड़ से दूर रह सके।
कानून का शिकंजा कसता है
सूनित को दिल्ली लाकर अदालत में पेश किया गया है। कोतवाली थाना पुलिस को सूचित कर दिया गया है और मुकदमे की सुनवाई अब दोबारा शुरू होगी। पुलिस सूत्रों के मुताबिक, फरार भाइयों विनीत और पुनीत की तलाश भी तेज़ कर दी गई है।
दिल्ली पुलिस की क्राइम ब्रांच ने इस गिरफ्तारी को “न्याय में देरी सही, पर इनकार नहीं” की मिसाल बताते हुए कहा—“कोई भी अपराधी कानून के शिकंजे से हमेशा बच नहीं सकता।”





