राजस्थान राज्य मानव अधिकार आयोग द्वारा 21 दिवसीय इंटर्नशिप कार्यक्रम का शुभारंभ
जयपुर,। राजस्थान राज्य मानवाधिकार आयोग द्वारा विधिक क्षेत्र के
विद्यार्थियों के लिए बुधवार को शासन सचिवालय में 21 दिवसीय राष्ट्रीय
स्तरीय इंटर्नशिप कार्यक्रम का शुभारंभ किया गया। उद्घाटन समारोह की
अध्यक्षता आयोग के सदस्य न्यायाधिपति राम चंद्र सिंह झाला ने की।
इस
अवसर पर इंटर्न्स के रूप में मौजूद विधि विद्यार्थियों को संबोधित करते
हुए झाला ने कहा कि मानवाधिकार के प्रमुख विषय प्राण, स्वतंत्रता, समानता
और सम्मान पूर्वक जीवन का अधिकार है। उन्होंने बताया कि मानवाधिकार आयोग
में शिकायत दर्ज करवाना बहुत आसान है। कोई भी व्यक्ति स्वयं, डाक द्वारा,
ऑनलाइन या किसी अन्य के माध्यम से शिकायत आयोग को भिजवा सकते हैं और इसका
कोई भी शुल्क नहीं लगता है। शिकायत सही पाए जाने पर आवश्यक कार्यवाही भी की
जाती है।
झाला ने कहा कि आमजन में विशेषकर ग्रामीण क्षेत्र में
मानवाधिकारों को लेकर जागरूकता बेहद कम है। उन्होंने विधि विद्यार्थियों को
जागरूक रहकर अपने आसपास हो रहे मानवाधिकार उल्लंघन के मामलों में सजगता
बरतने को कहा। उद्घाटन सत्र को संबोधित करते हुए अतिरिक्त पुलिस महानिदेशक
सुष्मित विश्वास ने कहा कि हर राष्ट्र में मानवाधिकार उल्लंघन के मामले
सामने आते हैं। मानवाधिकारों की रक्षा प्रोएक्टिव अप्रोच से की जा सकती है।
इस अवसर पर राजस्थान राज्य मानवाधिकार आयोग के शासन सचिव हृदेश कुमार
शर्मा, जिला जज एवं आयोग के रजिस्ट्रार संजय कुमार, डिप्टी सेक्रेटरी
कनिष्क सैनी, अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक डॉ संध्या यादव मौजूद थे।
उल्लेखनीय
है कि राष्ट्रीय स्तरीय इंटर्नशिप तीन जुलाई से 24 जुलाई 2024 तक जारी
रहेगी। इस इंटर्नशिप कार्यक्रम में उत्तर प्रदेश, बिहार, उत्तराखंड, हिमाचल
प्रदेश, गुजरात, महाराष्ट्र, राजस्थान एवं अन्य राज्यों के 46 विधि
विद्यार्थी मानवाधिकार से संबंधित विभिन्न विषयों पर इंटर्नशिप प्राप्त
करेंगे।





