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सोमवार, 5 अक्टूबर 2026 · रात 3:19 · नई दिल्ली संस्करण

जलदाय मंत्री जल भवन में एक जुलाई को नए आईटी पोर्टल ''कार्य प्रबंधन प्रणाली'' एवं "राजस्थान जेजेएम डैशबोर्ड " को करेंगे लॉन्च

राष्ट्रीय सागर डेस्क3 मिनट का पठन

जयपुर,। जन स्वास्थ्य अभियांत्रिकी मंत्री कन्हैया लाल एक जुलाई

को जल भवन में दोपहर 3 बजे नए आईटी पोर्टल ''कार्य प्रबंधन प्रणाली''

(डब्ल्यूएमएस) एवं राजस्थान जेजेएम डैशबोर्ड को लॉन्च करेंगे। इस पोर्टल से

जन स्वास्थ्य अभियांत्रिकी विभाग डिजिटल परिवर्तन की दिशा में एक कदम और

आगे बढ़ेगा।

जलदाय सचिव डॉ समित शर्मा ने बताया कि कार्य

प्रबंधन प्रणाली (डब्ल्यूएमएस) पोर्टल से जल प्रदाय योजनाओं के क्रियान्वयन

की प्रगति रिपोर्टिंग सहित अन्य आवश्यक पहलुओं का प्रबंधन किया जाएगा।

विभिन्न एजेंसी जैसे एस.पी.एम.यू, डी.पी.एम.यू और कॉन्टैक्टर्स की

गतिविधियों का सुनियोजित संचालन व प्रबंधन किया जाएगा।

जलप्रदाय योजना स्वीकृतियों का ऑनलाइन रहेगा रिकॉर्ड

शासन

सचिव ने बताया कि पोर्टल में योजना प्रस्तावों की राज्य स्तरीय स्कीम

स्वीकृति समिति, प्रशासनिक एवं वित्तीय स्वीकृति, तकनीकी स्वीकृति, टेंडर

अनुमोदन और निविदा सूचनाओं का ऑनलाइन प्रबंधन किया है। साथ ही जल प्रदाय

योजनाओं के क्रियान्वयन के सुनियोजित प्रबंधन, प्रगति रिपोर्टिंग, ई-नाप

पुस्तिका, बिल ऑफ क्वांटिटी अपलोड और जल प्रदाय योजना के समस्त घटकों जैसे

कि पंप हाउस, पानी की टंकियों, फ़िल्टर प्लांट आदि की लोकेशन जीआईएएस

प्लेटफ़ॉर्म पर जेनरेट भी की जाएगी।

डॉ शर्मा ने बताया कि

विभिन्न कार्यालयों जैसे डिवीजन, सब-डिवीजन और जूनियर इंजीनियर कार्यालयों

में योजनाओं का ऑनलाइन असाइनमेंट होगा। वर्क ऑर्डरों के लिए प्रोविजनल

एक्सटेंशन का प्रबंधन भी किया गया है।

शासन सचिव ने बताया

कि जल जीवन मिशन राजस्थान डैशबोर्ड www.phedwms.rajasthan.gov.in से आमजन

अपने गॉंव और राज्य स्तर पर जल जीवन मिशन की जानकारियाँ देख सकते हैं और

विभागीय अधिकारी/कर्मचारी योजना मैपिंग करते हुए अपने कार्यालय स्तर की जल

जीवन मिशन की प्रगति देख सकते हैं। इस डैशबोर्ड व पोर्टल के माध्यम से

बेहतर वित्तीय प्रबंधन के साथ, सभी जल प्रदाय योजनाओं के क्रियान्वयन में

पारदर्शिता व सुनियोजित प्रबंधन से आमजन को योजनाओं से पेयजल तय सीमा में

सुलभ करवाया जाएगा।

इसके अतिरिक्त शासन सचिव ने वाटर

इनफॉरमेशन मैनेजमेंट सिस्टम (डब्ल्यूएमएस), जलधारा कमांड सैन्टर की जानकारी

साझा करते हुए बताया कि इससे राज्य की पेयजल वितरण प्रणाली की उत्पादकता

बढ़ाने और सेवाओं में सुधार के लिये डेटा संग्रहण, विश्लेषण कर प्रभावी

मॉनिटरिंग की जाएगी। जलधारा कमांड सैन्टर के विभिन्न मॉड्यूल्स से आरओ

प्लांट्स, डीफ्लोरीडेशन इकाइयों व सोलर पंप इकाइयों की स्थापना और संचालन

की मॉनिटरिंग की जाएगी।स्काडा/आईओटी के माध्यम से परियोजनाओं से जल उत्पादन

एवं वितरण की लाइव मॉनिटरिंग और डेटा विश्लेषण हो सकेगा। असेट मैनेजमेंट

मॉड्यूल से असेट्स की जानकारी सहित जलाशयों की सफाई रिपोर्ट भी प्राप्त की

जा सकेगी।

शासन सचिव ने बताया कि डब्ल्यू.आई.एम.एस मोबाइल

ऐप से अभियंताओं को आरओ, डीफ्लोरीडेशन, सोलर पंप इकाइयों और स्काडा आधारित

जल प्रदाय परियोजनाओं की वास्तविक जानकारी अविलंब सुलभ होंगी जिससे किसी भी

आपात स्थिति में तुरंत कार्यवाही कर जल वितरण में व्यवधानों में कमी ला

पाना संभव होगा। प्रदेश में सीमित जल संसाधनों को देखते हुए जल प्रबंधन में

सूचना प्रौद्योगिकी के प्रयोग से यथासंभव जल की अपव्ययता में कमी लाकर

पेयजल के समुचित उपयोग और वितरण के प्रयास किए जाएंगे।

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