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सोमवार, 5 अक्टूबर 2026 · रात 3:16 · नई दिल्ली संस्करण

.राजस्थान सरकार ने प्रमोशन में दो साल की छूट को दी मंजूरी, 149 नए पदों का सृजन

राष्ट्रीय सागर डेस्क2 मिनट का पठन
.राजस्थान सरकार ने प्रमोशन में दो साल की छूट को दी मंजूरी, 149 नए पदों का सृजन

जयपुर। राजस्थान के मुख्यमंत्री भजनलाल शर्मा ने सरकारी कर्मचारियों के हित में एक बड़ा फैसला लेते हुए पदोन्नति के लिए पात्रता संबंधी शर्तों में दो वर्ष की छूट देने को मंजूरी दे दी है। राज्य सरकार के बयान के अनुसार, यह निर्णय बजट 2026-27 में की गई घोषणा के अनुरूप लिया गया है।

इस निर्णय के तहत, पदोन्नति के लिए आवश्यक अनुभव या सेवा अवधि में दो साल की छूट प्रदान करने के लिए विभिन्न सेवा नियमों में संशोधन किया जाएगा।

इस निर्णय के तहत विभिन्न सेवा नियमों में संशोधन कर पदोन्नति के लिए निर्धारित अनुभव या सेवा अवधि की अनिवार्यता में दो वर्ष की छूट दी जाएगी।

हालांकि, विभागीय पदोन्नति समिति (डीपीसी) 2023-24, 2024-25 और 2025-26 के दौरान इस तरह की छूट का लाभ पहले ही ले चुके कर्मचारियों को यह सुविधा दोबारा नहीं मिलेगी।

मुख्यमंत्री ने प्रशासनिक कार्यक्षमता बढ़ाने के उद्देश्य से राज्य सचिवालय में 149 नए पदों के सृजन को भी मंजूरी दी है।

इनमें 15 सहायक शासन सचिव, 67 सहायक अनुभाग अधिकारी और 67 लिपिक ग्रेड-प्रथम के पद शामिल हैं।

सरकार का कहना है कि इस फैसले से न केवल वर्तमान कर्मचारियों के पदोन्नति के अवसर बढ़ेंगे, बल्कि युवाओं के लिए नए रोजगार के अवसर भी सृजित होंगे।

एक अन्य कर्मचारी हितैषी निर्णय में मुख्यमंत्री ने अनुकंपा नियुक्ति और सेवा संबंधी 29 मामलों में विशेष छूट प्रदान की है।

इनमें से 16 मामलों में सरकारी कर्मचारियों के निधन के बाद अनुकंपा नियुक्ति के लिए आवेदन जमा करने में हुई देरी को देखते हुए राहत दी गई, जबकि 9 मामलों में आवेदन में विलंब के कारण आयु सीमा में छूट प्रदान की गई।

इसके अलावा 4 स्थानांतरण मामलों में भी छूट दी गई, ताकि आश्रित पत्नी की सुविधा को ध्यान में रखते हुए कर्मचारियों की तैनाती उनके घर के निकट की जा सके।

राज्य सरकार ने विभागीय जांच में दोषी पाए जाने के बाद सत्यदेव सिंह कृष्णावत, गिरिराज प्रसाद मीणा, योगेंद्र सिंह सिसोदिया और तरुण जोशी नामक चार हाउसकीपर कर्मचारियों की सेवाएं समाप्त करने के आदेश जारी किए हैं।

जांच में पाया गया कि इन कर्मचारियों द्वारा प्रस्तुत प्रमाणपत्र और डिप्लोमा संबंधित पदों के लिए निर्धारित शैक्षणिक योग्यता और पात्रता मानकों के अनुरूप नहीं थे।

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