हिमाचल में बारिश-बर्फबारी से तीन मकान ढहे, लाहौल-स्पीति में नेशनल हाईवे-3 पर गिरा हिमखंड
शिमला। हिमाचल प्रदेश में पिछले दो-तीन दिन से हो रही बेमौसमी
बारिश और बर्फबारी ने कोहराम मचा दिया है। बारिश और बर्फबारी से तीन
स्थानों पर तीन मकान ढह गए और पांच नेशनल हाईवे सहित 507 सड़कें बंद हैं।
लाहौल-स्पीति में शकास नाले के समीप भारी बर्फबारी से एक बड़ा हिमखंड सड़क
पर आने से नेशनल हाईवे-3 पूरी तरह बाधित हो गया है। राज्य में यातायात,
बिजली और पेजयल जैसी मूलभूत सेवाएं ठप पड़ गई हैं।
राज्य आपातकालीन
परिचालन केंद्र की रिपोर्ट के अनुसार बारिश व बर्फबारी से प्रदेश में तीन
मकान ढह गए। लाहौल-स्पीति में बर्फबारी का दौर अभी भी जारी है और जिले के
उंचे इलाकों में चार से पांच फीट बर्फबारी तो निचले इलाकों में दो से तीन
फीट बर्फबारी दर्ज की गई है। जिला में ज्यादातर सड़कों के अवरूद्व होने से
जनजीवन बुरी तरह अस्त-व्यस्त हो गया है। लाहौल-स्पीति जिला के उदयपुर
उपमंडल के सलपत गांव में भारी बर्फबारी से एक मकान ढह गया। इसी तरह सोलन
जिला के अर्की उपमंडल में बखालग में तेज बारिश व अंधड़ ने मकान को जमींदोज
कर दिया। सिरमौर जिला के नौहराधार सब तहसील के बोघाधार में आकाशीय बिजली
गिरने से मकान क्षतिग्रस्त हुआ है।
लाहौल-स्पीति जिला के शकास नाले
के समीप भारी बर्फबारी के चलते एक बड़ा हिमखंड का हिस्सा गिरा है। इससे
नेशनल हाईवे-3 पूरी तरह बाधित हो गया है। जिला प्रशासन की टीमें हिमखंड को
हाईवे से हटाने का प्रयास कर रही है। गनीमत यह रही कि नेशनल हाईवे पर कोई
वाहन हिमखंड की चपेट में नहीं आया, अन्यथा बड़ा हादसा पेश आ सकता था।
राज्य
आपातकालीन परिचालन केंद्र ने रविवार सुबह अपनी रिपोर्ट में कहा है कि
लाहौल-स्पीति में सबसे ज्यादा 290 सड़कें बर्फबारी से बंद हैं। किन्नौर में
75, चंबा में 72, शिमला में 35, कुल्लू में 18 और मंडी में 16 सड़कें
अवरुद्ध हुई हैं। इसके अलावा कुल्लू और लाहौल-स्पीति में दो-दो व सिरमौर
में एक नेशनल हाईवे भी ठप है। अंधड़, बारिश और बर्फबारी से चंबा जिला में
447 ट्रांसफार्मर खराब हो गए हैं। इससे चंबा, डल्हौजी, तीसा, पांगी और
भरमौर के इलाकों में ब्लैकआउट है।
इन स्थानों पर हुई बर्फबारी
आपातकालीन
परिचालन केंद्र के मुताबिक हिमाचल के 12 में से सात जिलों में बर्फबारी
हुई है। चंबा जिला के पांगी में 12 इंच व भरमौर में एक इंच, कांगड़ा जिले के
बीड़ बिलिंग व मुल्थन में दो-दो इंच, किन्नौर जिला के छितकुल चार फीट,
सांगला, मोरंग व कल्पा में दो-दो फीट, कुल्लू जिला के रोहतांग टाॅप में
पांच फीट, गुलाबा व अटल टनल में चार-चार फीट, लाहौल-स्पीति के काजा में दो
फीट और नारकंडा में छह इंच तक रिकार्ड बर्फबारी हुई है।
शीतलहर तेज, पांच शहरों का पारा माइनस में
बीते
24 घंटों के दौरान राज्य के औसतन न्यूनतम तापमान 1.6 डिग्री सेल्सियस की
गिरावट दर्ज की गई। पांच शहरों का पारा माइनस में दर्ज किया गया।
लाहौल-स्पीति जिला का मुख्यालय केलांग -4.5 डिग्री सेल्सियस तापमान के साथ
सबसे ठंडा स्थल रहा। रिकांगपिओ, कुकुमसेरी व नारकंडा में न्यूनतम तापमान
-1.2 डिग्री और भरमौर में -0.5 डिग्री सेल्सियस दर्ज किया गया।
मौसम
विभाग के पूर्वानुमान के मुताबिक आगामी 7 मार्च तक राज्य में मौसम खराब
रहेगा। इस दौरान उच्च पर्वतीय इलाकों में बर्फबारी और अन्य हिस्सों में
बारिश होने का अनुमान है। हालांकि अगले चार दिन राज्य में बारिश व बर्फबारी
को लेकर अलर्ट नहीं है। मौसम विभाग का कहना है कि आगामी दिनों में राज्य
में बारिश व बर्फबारी में कमी आएगी। 8 मार्च से मौसम के पूरी तरह साफ होने
का अनुमान है।





