सैनिटरी नैपकिन पर राहुल-प्रियंका की फोटो: कांग्रेस ने महिलाओं के सम्मान को भी बना दिया सस्ती राजनीति का हथियार

सैनिटरी नैपकिन पर राहुल-प्रियंका की फोटो: कांग्रेस ने महिलाओं के सम्मान को भी बना दिया सस्ती राजनीति का हथियार
बिहार में कांग्रेस पार्टी ने एक बार फिर से महिलाओं के स्वास्थ्य के नाम पर प्रचार की राजनीति को आगे बढ़ाया है। ‘माई बहिन मान योजना’ के तहत कांग्रेस 5 लाख महिलाओं को मुफ्त सैनिटरी पैड बांट रही है, लेकिन असली उद्देश्य महिला सशक्तिकरण कम और परिवारवाद का प्रचार ज़्यादा नज़र आ रहा है। सैनिटरी नैपकिन के हर डिब्बे पर राहुल गांधी और प्रियंका गांधी की बड़ी तस्वीरें छपी हैं, जो साफ़ तौर पर महिला सम्मान की आड़ में कांग्रेस की इमेज बिल्डिंग का प्रयास है।
महिलाओं के स्वास्थ्य पर राजनीति शर्मनाक
राजनीतिक विश्लेषकों का कहना है कि महिलाओं के मासिक धर्म जैसे संवेदनशील मुद्दे को भी कांग्रेस पार्टी राजनीतिक पोस्टर और प्रचार सामग्री में बदल रही है। क्या महिलाओं की जरूरतें केवल चुनावी स्टंट बनकर रह जाएंगी? सैनिटरी नैपकिन जैसे उत्पाद पर नेता-परिवार की तस्वीर लगाना, साफ़ तौर पर विचारहीनता और अवसरवादिता का परिचायक है।
योजना से ज़्यादा प्रचार की भूख
इस योजना के तहत जहां ₹2500 महीना देने का दावा किया जा रहा है, वहीं जमीन पर लाभार्थियों का चयन कैसे होगा, यह अब तक स्पष्ट नहीं है। इसके साथ ही सवाल यह भी उठता है कि यह योजना कांग्रेस द्वारा निजी तौर पर चलाई जा रही है या इसके पीछे कोई NGO, फंडिंग एजेंसी या विदेशी दखल है?
सवाल यह भी उठ रहे हैं कि
> क्या कांग्रेस अब महिलाओं को सैनिटरी नैपकिन के बदले राजनीतिक नारे और परिवारवाद की छवि थमाना चाहती है?
BJP का हमला: महिला स्वास्थ्य के नाम पर धोखा
बीजेपी ने इस योजना की आलोचना करते हुए कहा है कि,
> “जो पार्टी दशकों तक महिला आरक्षण बिल पर चुप रही, वह आज फोटो छाप कर महिलाओं को सम्मान देना चाहती है? यह सिर्फ एक वोट बैंक साधने की कोशिश है, न कि कोई संवेदनशील सामाजिक पहल।”
बीजेपी महिला मोर्चा की नेता ने तीखा हमला करते हुए कहा:
> “मासिक धर्म जैसे विषय पर भी राहुल गांधी को चेहरे के रूप में सामने लाकर कांग्रेस ने साफ़ कर दिया है कि उनकी प्राथमिकता सिर्फ कैमरा और चुनावी लाभ है, महिलाओं का वास्तविक सशक्तिकरण नहीं।”
जहां एक ओर महिलाओं के स्वास्थ्य और स्वच्छता को लेकर गंभीर योजनाएं केंद्र सरकार और कई राज्य सरकारें चुपचाप लागू कर रही हैं, वहीं कांग्रेस पार्टी हर चीज़ को प्रचार और पब्लिसिटी स्टंट में बदल रही है।
सैनिटरी नैपकिन जैसे ज़रूरी उत्पाद पर परिवार के चेहरे थोपना , यह दर्शाता है कि कांग्रेस अब “महिला शक्ति” नहीं, “राजनीतिक शक्ति” की तलाश में है , चाहे माध्यम कितना भी संवेदनशील क्यों न हो।





