मुख्य सामग्री पर जाएँ
ब्रेकिंग
Rajasthan Panchayat Election 2026: पंचायत चुनाव का ऐलान, 4 चरणों में होगी वोटिंग, जानिए पूरा शेड्यूलमुंबई में CJP का प्रदर्शन पड़ा भारी! जेल भरो आंदोलन पर FIR, आयोजकों में हड़कंपज्ञानेश कुमार पर चले लोकतंत्र की हत्या का मुकदमा! प्रमोद तिवारी का बड़ा हमलाBJP का झंडा उतारने वाले संजयन त्रिपाठी अब साइकिल पर सवार, समाजवादी पार्टी में हुए शामिलCM Yogi का बड़ा तोहफा: 4.60 लाख छात्रों के खाते में आई छात्रवृत्ति, आपके खाते में आई क्या? चेक करेंNoida: सुपरनोवा की 43वीं मंजिल से युवक ने लगाई छलांग, मौके पर दर्दनाक मौत, सोसाइटी में हड़कंपमुंबई प्रदर्शन के बाद CJP का दिल्ली कूच का ऐलान, अभिजीत दिपके ने कही ये बड़ी बातगठबंधन में फूट! रायबरेली से डरते थे राहुल गांधी! सपा नेता का बड़ा खुलासा, अखिलेश ने दी थी धमकी

सोमवार, 5 अक्टूबर 2026 · रात 2:44 · नई दिल्ली संस्करण

बड़ी कूटनीतिक जीतः कतर से रिहा किए गए 8 पूर्व भारतीय नौ सैनिक, 7 स्वदेश लौटे, भारत ने किया फैसले का स्वागत

राष्ट्रीय सागर डेस्क2 मिनट का पठन

नई

दिल्ली, 12 फरवरी । भारत को एकबार फिर बड़ी कूटनीतिक जीत मिली है।

कतर की जेल में बंद भारतीय नौसेना के सभी आठ पूर्व नौ सैनिकों को रिहा कर

दिया गया है जिनमें से सात नौ सैनिक वापस लौट चुके हैं। विदेश मंत्रालय की

तरफ से जारी बयान में इसकी जानकारी दी गई है।

ये आठों पूर्व नौसैनिक

जासूसी के आरोप में कतर की जेल में बंद थे। अदालत ने इन्हें मौत की सजा

सुनाई थी। जिसके बाद भारत के लिए इनकी रिहाई बड़ी चुनौती बनी हुई थी। भारत

के अनुरोध पर कतर के अमीर ने पहले ही इन नौसैनिकों की मौत की सजा को कम

करते हुए उम्रकैद में बदल दिया था। अब अमीर के आदेश पर इन पूर्व नौ सैनिकों

की रिहाई कर दी गई है जिसका भारत ने स्वागत किया है।

विदेश

मंत्रालय के आधिकारिक बयान में कहा गया, 'भारत सरकार कतर में हिरासत में

लिए गए अल-दहरा ग्लोबल कंपनी के लिए काम करने वाले आठ भारतीय नागरिकों की

रिहाई का स्वागत करती है। उनमें से आठ में से सात भारतीय सुरक्षित भारत लौट

आए हैं।' मंत्रालय ने कहा, 'हम इन नागरिकों की रिहाई और घर वापसी

सुनिश्चित करवाने के लिए कतर के अमीर के फैसले की सराहना करते हैं।'

कतर

की अदालत ने जब भारत के आठ पूर्व नौ सैनिकों की सजा का ऐलान किया तो भारत

ने इसके खिलाफ अपील की थी। इसका फायदा यह हुआ कि 28 दिसंबर, 2023 को आठों

भारतीय नागरिकों को सुनाई गई मौत की सजा पर रोक लगा दी गई। इनकी रिहाई के

लिए कतर और भारत के बीच राजनयिक वार्ता चल रही थी। जिसके बाद नौसैनिकों की

मौत की सजा को बढ़ी हुई जेल की सजा में बदल दिया गया।

उल्लेखनीय है

कि कतर की जेल में कैद ये आठों भारतीय पहले नौसेना में काम करते थे। इनके

ऊपर कथित तौर पर कतर के सबमरीन प्रोग्राम की जासूसी करने का आरोप था, जिसके

बाद आठों को गिरफ्तार किया। ये अक्टूबर, 2022 से ही कतर की जेल में बंद

थे। कतर की अदालत ने आठों भारतीयों को जासूसी का दोषी करार देते हुए मौत की

सजा सुनाई थी।

यह ख़बर दूसरों तक पहुँचाएँ

WhatsAppFacebookX

संबंधित ख़बरें