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सोमवार, 5 अक्टूबर 2026 · सुबह 5:35 · नई दिल्ली संस्करण

प्रदर्शन कर रहे किसान संगठनों को मिला एसकेएम का समर्थन

राष्ट्रीय सागर डेस्क1 मिनट का पठन

नई दिल्ली। संयुक्त किसान मोर्चा (एसकेएम) ने न्यूनतम समर्थन मूल्य (एमएसपी) एवं अन्य मुद्दों के लेकर प्रदर्शन कर रहे पंजाब धड़े के किसान संगठनों का समर्थन किया है।

एसकेएम ने मंगलवार को एक विज्ञप्ति जारी कर कहा कि संयुक्त किसान मोर्चा-गैर-राजनीतिक (एसकेएम-एनपी) ने केन्द्र सरकार के एमएसपी पर पांच फसलों के लिए पांच साल की अनुबंध खेती और फसल विविधीकरण के प्रस्ताव को खारिज कर दिया है, जो स्वागत योग्य है। यह निर्णय भारत भर के किसानों की व्यापक एकता की दिशा में सही कदम है।

एसकेएम ने कहा कि हरदिन 27 किसान आत्महत्या कर रहे हैं और युवा किसान शहरी केंद्रों में मामूली वेतन पर काम करने के लिए प्रवासी मजदूर की श्रेणी में शामिल होने के लिए मजबूर हैं, जबकि मोदी राज में 80 करोड़ लोग इस पर मुफ्त राशन पर निर्भर हैं, इसलिए कॉर्पोरेट ताकतों के खिलाफ किसान आंदोलन की सबसे बड़ी एकजुटता समय की मांग है।

एसकेएम ने कहा कि संगठन ने सभी किसान संगठनों से 21 फरवरी को भाजपा-एनडीए सांसदों के निर्वाचन क्षेत्रों में किसानों के विरोध प्रदर्शनों का समर्थन करने का आग्रह किया है जिसमें 09 दिसंबर 2021 को एसकेएम के साथ मोदी सरकार द्वारा हस्ताक्षरित समझौते को लागू करने और किसानों पर क्रूर राज्य दमन को रोकने की मांग की जाएगी।

एसकेएम का मानना है कि यह प्रधानमंत्री और कार्यपालिका की जिम्मेदारी है कि वे 09 दिसंबर, 2021 को एसकेएम के साथ हस्ताक्षरित समझौते को लागू करें। सभी फसलों के लिए कानूनी गारंटी सहित सीटू प्लस 50 फीसदी के हिसाब से एमएसपी लागू कर, 2014 के आम चुनाव के भाजपा घोषणापत्र में किए गए वादे के साथ न्याय करें।

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