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सोमवार, 5 अक्टूबर 2026 · सुबह 8:23 · नई दिल्ली संस्करण

ऑनलाइन फार्मेसी के विराेध में आज छग में बंद रहेंगी दवा दुकानें

राष्ट्रीय सागर डेस्क3 मिनट का पठन
ऑनलाइन फार्मेसी के विराेध में आज छग में बंद रहेंगी दवा दुकानें

रायपुर। ऑनलाइन फार्मेसी कंपनियों द्वारा नियमों को ताक पर रखकर किए जा रहे अनियंत्रित कारोबार और इसके कारण आम जनता के स्वास्थ्य पर मंडराते गंभीर खतरे के विरोध में आज बुधवार को प्रदेशव्यापी होलसेल और रिटेल दवा व्यापार बंद का आह्वान किया गया है।

इस सिलसिले में डिस्ट्रिक ड्रगिस्ट एंड केमिस्ट एसोसियेशन के अध्यक्ष विनय कृपलानी एवं कंफेडरेशन ऑफ फॉर्म डीलर्स एसोसिएशन के अध्यक्ष वासुदेव जोतवानी ने संयुक्त रूप से मंगलवार शाम काे चेम्बर प्रदेश अध्यक्ष सतीश थौरानी के मार्गदर्शन में चेम्बर पदाधिकारियों से मुलाकात कर बंद को लेकर समर्थन मांगा।

दवा बाजार के इस बड़े संकट और जनहित के इस संवेदनशील मुद्दे को देखते हुए चेम्बर ऑफ कॉमर्स के पदाधिकारियों ने व्यापारियों की एकजुटता का परिचय देते हुए इस बंद को अपना पूर्ण और नैतिक समर्थन देने की घोषणा की है। चेम्बर कार्यकारी अध्यक्ष राधा किशन सुंदरानी ने बताया कि वर्तमान में ऑनलाइन फार्मेसी कंपनियों द्वारा दवाओं पर अनियंत्रित और अत्यधिक छूट दी जा रही है, जो कि व्यापारिक नियमों के खिलाफ है।

कार्यकारी अध्यक्ष राजेश वासवानी ने कहा कि चिंताजनक बात यह है कि इन ऑनलाइन प्लेटफॉर्म्स के माध्यम से बाजार में नकली दवाएं धड़ल्ले से खपायी जा रही हैं। इतना ही नहीं, सरकार द्वारा प्रतिबंधित और अत्यधिक संवेदनशील दवाएं, जिन्हें सिर्फ और सिर्फ डॉक्टर की लिखित सलाह (पर्चे) पर ही दिया जाना कानूनी रूप से अनिवार्य है, वे भी इन ऑनलाइन साइट्स पर बिना किसी कड़े सत्यापन के धड़ल्ले से बेची जा रही हैं। जिसका चेम्बर विरोध करता है तथा इसे रोकने हेतु प्रशासन से निर्देश देने की अपील करता है।

कार्यकारी अध्यक्ष जसप्रीत सिंह सलूजा ने कहा कि ऑनलाइन फार्मेसी कंपनियों द्वारा अनियंत्रित छूट देना,नकली दवाएं के साथ साथ प्रतिबंधित दवाएं जो कि सिर्फ और सिर्फ डॉक्टर के सलाह पर ही दी जानी चाहिए धड़ल्ले से बेची जा रही है। यह स्थिति न केवल पारंपरिक दवा व्यापारियों के रोजगार को गर्त में धकेल रही है, बल्कि युवाओं में नशे और प्रतिबंधित दवाओं के दुरुपयोग को बढ़ावा देकर सीधे तौर पर आम जनता के जीवन से खिलवाड़ कर रही है। इसी गंभीर विषय को लेकर सरकार और प्रशासन का ध्यान आकर्षित करने के लिए इस तालाबंदी का निर्णय लिया गया है।

यही वजह है कि आज होने वाले इस प्रदेशव्यापी बंद के दौरान केवल और केवल हॉस्पिटल (अस्पतालों) के अंदर स्थित मेडिकल स्टोर ही खुले रहेंगे, ताकि किसी भी मरीज को आपात स्थिति में भटकना न पड़े। इसके अलावा शहर और राज्य के सभी बाहरी व स्वतंत्र थोक और चिल्हर मेडिकल स्टोर पूरी तरह से बंद रहेंगे। बैठक में उपस्थित समस्त पदाधिकारियों ने कहा है कि यह लड़ाई सिर्फ व्यापारियों के अस्तित्व की नहीं, बल्कि समाज के स्वास्थ्य की रक्षा के लिए है और चेम्बर ऑफ कॉमर्स से मिला यह समर्थन इस आंदोलन को निर्णायक मोड़ पर ले जाएगा। चेम्बर ने दवा संगठनों को आश्वस्त किया है कि इस गंभीर मुद्दे पर व्यापारियों की आवाज को प्रशासन और शासन के समक्ष बेहद पुरजोर तरीके से उठाया जाएगा।

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