भारतवंशी प्रोफेसर अशोक वीरराघवन को टेक्सास में सर्वोच्च शैक्षणिक सम्मान
टेक्सास,
26 फरवरी। टेक्सास एकेडमी ऑफ मेडिसिन, इंजीनियरिंग, साइंस एंड
टेक्नोलॉजी ने भारतवंशी कंप्यूटर इंजीनियर प्रो. अशोक वीरराघवन को
इंजीनियरिंग के क्षेत्र में उनके योगदान के लिए 'एडिथ और पीटर ओ'डॉनेल'
पुरस्कार से सम्मानित किया है। यह टेक्सास में शोधकर्ताओं के लिए सर्वोच्च
शैक्षणिक पुरस्कारों में से एक है। प्रो. वीरराघवन राइस यूनिवर्सिटी के
जॉर्ज आर. ब्राउन स्कूल ऑफ इंजीनियरिंग में इलेक्ट्रिकल और कंप्यूटर
इंजीनियरिंग हैं।
राइस यूनिवर्सिटी के मुखपत्र 'द राइस थ्रेसर' ने
यह जानकार दी। 'द राइस थ्रेसर' ने कहा कि प्रो. वीरराघवन को 'क्रांतिकारी
इमेजिंग तकनीक' के लिए 2024 एडिथ और पीटर ओ'डॉनेल पुरस्कार से सम्मानित
किया गया है। भारतीय-अमेरिकी डॉ. वीरराघवन बी-टेक हैं। 2002 में भारतीय
प्रौद्योगिकी संस्थान मद्रास से इलेक्ट्रिकल इंजीनियरिंग में स्नातकोत्तर
और 2008 में मैरीलैंड विश्वविद्यालय, कॉलेज पार्क में इलेक्ट्रिकल और
कंप्यूटर इंजीनियरिंग विभाग से पीएचडी की है। अशोक 2010 में ईसीई विभाग में
शामिल हुए। उन्हें 2017 में एसोसिएट प्रोफेसर और 2020 में प्रोफेसर के रूप
में पदोन्नत किया गया।
राइस विश्वविद्यालय के मुखपत्र 'द
राइस थ्रेसर' के अनुसार, वीरराघवन फ्लैटकैम के सह-डेवलपर हैं। येल
विश्वविद्यालय के सहयोग से राइस ईसीई टीम को ऑप्टिकल हार्डवेयर और उसके
सॉफ्टवेयर इंटरफेस को विकसित करने के लिए चार वर्षों में $4 मिलियन प्राप्त
होंगे।





