मुख्य सामग्री पर जाएँ
ब्रेकिंग
Rajasthan Panchayat Election 2026: पंचायत चुनाव का ऐलान, 4 चरणों में होगी वोटिंग, जानिए पूरा शेड्यूलमुंबई में CJP का प्रदर्शन पड़ा भारी! जेल भरो आंदोलन पर FIR, आयोजकों में हड़कंपज्ञानेश कुमार पर चले लोकतंत्र की हत्या का मुकदमा! प्रमोद तिवारी का बड़ा हमलाBJP का झंडा उतारने वाले संजयन त्रिपाठी अब साइकिल पर सवार, समाजवादी पार्टी में हुए शामिलCM Yogi का बड़ा तोहफा: 4.60 लाख छात्रों के खाते में आई छात्रवृत्ति, आपके खाते में आई क्या? चेक करेंNoida: सुपरनोवा की 43वीं मंजिल से युवक ने लगाई छलांग, मौके पर दर्दनाक मौत, सोसाइटी में हड़कंपमुंबई प्रदर्शन के बाद CJP का दिल्ली कूच का ऐलान, अभिजीत दिपके ने कही ये बड़ी बातगठबंधन में फूट! रायबरेली से डरते थे राहुल गांधी! सपा नेता का बड़ा खुलासा, अखिलेश ने दी थी धमकी

सोमवार, 5 अक्टूबर 2026 · रात 3:56 · नई दिल्ली संस्करण

प्रियंका गांधी का तीखा बयान: छात्रों के हक की बात दबा रही सरकार, गृहमंत्री संसद में दें स्पष्टीकरण

राष्ट्रीय सागर डेस्क3 मिनट का पठन
प्रियंका गांधी का तीखा बयान: छात्रों के हक की बात दबा रही सरकार, गृहमंत्री संसद में दें स्पष्टीकरण

नई दिल्ली। कांग्रेस सांसदों ने सरकार पर आरोप लगाया कि सरकार छात्रों की आवाज दबाने का प्रयास कर रही है और केंद्रीय गृह मंत्री संसद में आकर जवाब देने से बच रहे हैं। साथ ही, राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ (आरएसएस) प्रमुख मोहन भागवत के जेन जी को लेकर दिए गए बयान को लेकर भी कांग्रेस ने सरकार और संघ पर निशाना साधा है।

कांग्रेस सांसद प्रियंका गांधी ने प्रयागराज में प्रस्तावित 'छात्रों की गूंज' कार्यक्रम को लेकर कहा कि सरकार इस कार्यक्रम से डर रही है। उन्होंने आरोप लगाया कि उत्तर प्रदेश में कांग्रेस के कार्यक्रमों के साथ हमेशा ऐसा ही व्यवहार किया जाता है।

केंद्रीय गृहमंत्री के संसद में आने के सवाल पर प्रियंका गांधी ने कहा कि ऐसा नहीं लगता कि वे सदन में आएंगे।

यदि कोई गलती हुई है तो सरकार को उसकी जिम्मेदारी लेते हुए संसद में जवाब देना चाहिए।

कांग्रेस सांसद केसी वेणुगोपाल ने भी गृह मंत्री की अनुपस्थिति पर सवाल उठाए। उन्होंने कहा कि गृह मंत्री लोकसभा और संसद से गायब हैं।

वेणुगोपाल ने मांग की कि गृह मंत्री सदन में आकर स्पष्ट करें कि छात्रों पर पैलेट गन चलाने और आंसू गैस छोड़ने का आदेश किसने दिया। देश और छात्र दोनों इन सवालों के जवाब चाहते हैं।

कांग्रेस ने इस संबंध में लोकसभा अध्यक्ष से संसदीय कार्य मंत्री को निर्देश देने का अनुरोध किया है, लेकिन अब तक गृह मंत्री सदन में उपस्थित नहीं हुए हैं, जबकि संसद सत्र के केवल चार दिन शेष हैं।

वहीं, आरएसएस प्रमुख मोहन भागवत के जेन जी को लेकर दिए गए बयान पर कांग्रेस सांसद मणिक्कम टैगोर ने कहा कि आरएसएस इस समय बैकफुट पर है।

उन्होंने आरोप लगाया कि पिछले 12 वर्षों में आरएसएस ने विश्वविद्यालयों और अन्य शिक्षण संस्थानों में प्रभाव स्थापित किया है तथा उससे जुड़े लोग विभिन्न पदों पर नियुक्त किए गए हैं। टैगोर के अनुसार, इसी कारण अब आरएसएस रक्षात्मक स्थिति में नजर आ रहा है।

कांग्रेस सांसद अमर सिंह ने भी शिक्षा व्यवस्था को लेकर केंद्र सरकार पर हमला बोला। उन्होंने कहा कि यदि मोहन भागवत कोई सुझाव देना चाहते हैं तो उन्हें सीधे केंद्र सरकार को देना चाहिए, क्योंकि पिछले 12 वर्षों से वही सत्ता में है।

अमर सिंह ने आरोप लगाया कि सरकार ने शिक्षा को महंगा बना दिया है, जिससे आम परिवारों के लिए बच्चों की पढ़ाई मुश्किल हो गई है। पढ़ाई पूरी करने के बाद युवाओं को रोजगार नहीं मिल रहा है। पिछले दस वर्षों में देशभर में लगभग एक लाख सरकारी स्कूल बंद हुए हैं, जो शिक्षा व्यवस्था की स्थिति को दर्शाता है।

कांग्रेस सांसद सुखजिंदर सिंह रंधावा ने भी कहा कि मोहन भागवत जो बातें कह रहे हैं, वही कांग्रेस लंबे समय से उठाती रही है। उन्होंने कहा कि गृह मंत्री को संसद में आकर छात्रों से जुड़े घटनाक्रम पर जवाब देना चाहिए।

रंधावा ने कहा कि प्रधानमंत्री की अपनी कार्यशैली हो सकती है, लेकिन कम से कम गृह मंत्री को सदन में उपस्थित होकर विपक्ष और देश के सवालों का सामना करना चाहिए। कांग्रेस ने स्पष्ट किया कि वह छात्रों से जुड़े मुद्दों पर सरकार से जवाबदेही की मांग आगे भी उठाती रहेगी।

यह ख़बर दूसरों तक पहुँचाएँ

WhatsAppFacebookX

संबंधित ख़बरें