मुख्य सामग्री पर जाएँ
ब्रेकिंग
Rajasthan Panchayat Election 2026: पंचायत चुनाव का ऐलान, 4 चरणों में होगी वोटिंग, जानिए पूरा शेड्यूलमुंबई में CJP का प्रदर्शन पड़ा भारी! जेल भरो आंदोलन पर FIR, आयोजकों में हड़कंपज्ञानेश कुमार पर चले लोकतंत्र की हत्या का मुकदमा! प्रमोद तिवारी का बड़ा हमलाBJP का झंडा उतारने वाले संजयन त्रिपाठी अब साइकिल पर सवार, समाजवादी पार्टी में हुए शामिलCM Yogi का बड़ा तोहफा: 4.60 लाख छात्रों के खाते में आई छात्रवृत्ति, आपके खाते में आई क्या? चेक करेंNoida: सुपरनोवा की 43वीं मंजिल से युवक ने लगाई छलांग, मौके पर दर्दनाक मौत, सोसाइटी में हड़कंपमुंबई प्रदर्शन के बाद CJP का दिल्ली कूच का ऐलान, अभिजीत दिपके ने कही ये बड़ी बातगठबंधन में फूट! रायबरेली से डरते थे राहुल गांधी! सपा नेता का बड़ा खुलासा, अखिलेश ने दी थी धमकी

सोमवार, 5 अक्टूबर 2026 · सुबह 8:42 · नई दिल्ली संस्करण

केंद्रीय बजट की तैयारियां हुईं तेज, पीएम मोदी करेंगे देश के शीर्ष अर्थशास्त्रियों और विशेषज्ञों से चर्चा

राष्ट्रीय सागर डेस्क2 मिनट का पठन
केंद्रीय बजट की तैयारियां हुईं तेज, पीएम मोदी करेंगे देश के शीर्ष अर्थशास्त्रियों और विशेषज्ञों से चर्चा

नई दिल्ली। केंद्रीय बजट 2026-27 से पहले प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी मंगलवार को देश के जाने-माने अर्थशास्त्रियों और विशेषज्ञों से मुलाकात करने वाले हैं। इस बैठक में वह बजट को लेकर उनकी राय और सुझाव जानेंगे।

यह बैठक सरकार द्वारा बजट से पहले की जा रही चर्चाओं का हिस्सा है।

इसमें अर्थशास्त्रियों और अलग-अलग क्षेत्रों के विशेषज्ञों के अलावा नीति आयोग के उपाध्यक्ष सुमन बेरी, नीति आयोग के सीईओ बी.वी.आर. सुब्रह्मण्यम और अन्य सदस्य भी शामिल हो सकते हैं।

इस बैठक का उद्देश्य देश की मौजूदा आर्थिक स्थिति पर विशेषज्ञों के विचार जानना है, ताकि सरकार सही आर्थिक फैसले ले सके।

केंद्रीय वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण आगामी 1 फरवरी को बजट पेश कर सकती हैं।

यह बजट ऐसे समय में आएगा, जब दुनिया में भू-राजनीतिक तनाव और अमेरिका के टैरिफ जैसे मुद्दे मौजूद हैं।

बजट की तैयारी के लिए वित्त मंत्री पहले ही कई अर्थशास्त्रियों, ट्रेड यूनियनों और श्रमिक संगठनों से चर्चा कर चुकी हैं। ये बैठकें हर साल बजट से पहले की जाती हैं।

हाल के दिनों में सरकार ने बैंकिंग, होटल, आईटी और स्टार्टअप्स जैसे क्षेत्रों के प्रतिनिधियों से भी बातचीत की है। इसके अलावा कृषि, लघु एवं मध्यम उद्यम (एमएसएमई) और मैन्युफैक्चरिंग सेक्टर में विकास को बढ़ावा देने और रोजगार व आमदनी बढ़ाने पर भी चर्चा की गई है।

इसी बीच, देश के बड़े उद्योग संगठन सीआईआई (कन्फेडरेशन ऑफ इंडियन इंडस्ट्री) ने बजट 2026-27 के लिए चार मुख्य सुझाव दिए हैं। इनमें कर्ज को नियंत्रित रखना, सरकारी खर्च में पारदर्शिता, ज्यादा राजस्व जुटाना और खर्च को सही तरीके से करना शामिल है।

सीआईआई के अनुसार, सरकार का लक्ष्य है कि वित्त वर्ष 2031 तक देश का कर्ज जीडीपी के करीब 50 प्रतिशत तक रखा जाए।

संगठन का कहना है कि अगर वित्त वर्ष 2027 में केंद्र सरकार का कर्ज जीडीपी का करीब 54.5 प्रतिशत और घाटा 4.2 प्रतिशत के आसपास रखा जाए, तो इससे अर्थव्यवस्था पर भरोसा बना रहेगा और विकास को भी सहारा मिलेगा।

यह ख़बर दूसरों तक पहुँचाएँ

WhatsAppFacebookX

संबंधित ख़बरें