बिहार में अंतर्राष्ट्रीय त्रिपिटक चैटिंग समारोह की तैयारी तेज, विभिन्न देशों के 20 हजार भिक्षु होंगे शामिल

गयाजी। विश्वभर में ज्ञान स्थली के रूप में चर्चित बिहार के गयाजी जिला स्थित बोधगया में दो दिसंबर से शुरू होने वाले अंतर्राष्ट्रीय त्रिपिटक चैटिंग समारोह में विभिन्न देशों के 20,000 भिक्षु, भिक्षुणी और श्रद्धालुओं के शामिल होने की संभावना है। इस समारोह की तैयारी जोरशोर से चल रही है।
बताया गया कि पिछले 20 वर्षों से लगातार अंतर्राष्ट्रीय त्रिपिटक चैटिंग का आयोजन हो रहा है। इस वर्ष 20वें अंतर्राष्ट्रीय त्रिपिटक चैटिंग का आयोजक भारत बना है।
इस अवसर पर भारत के विभिन्न राज्यों एवं दूसरे देशों के बड़े-बड़े डिग्निट्री (अतिथि) को आने की संभावना है। अंतर्राष्ट्रीय त्रिपिटक चैटिंग हर वर्ष अलग-अलग देश द्वारा आयोजित की जाती है।
इस समारोह के लिए महाबोधि मंदिर के साथ ही कालचक्र मैदान में भव्य पंडाल बनाया जा रहा है। गयाजी के जिलाधिकारी शशांक शुभंकर ने गुरुवार को बोधगया मंदिर प्रबंधन समिति (बीटीएमसी) कार्यालय में बैठक कर आयोजन के दौरान क्राउड मैनेजमेंट, मेडिकल फैसिलिटी, फायर सेफ्टी, यातायात प्रबंधन, आवासन और सुरक्षा व्यवस्था पर विस्तार से समीक्षा की। आने वाले लोगों के आवासन स्थल में मुख्य रूप से निगमा मोनास्ट्री, मगध विश्वविद्यालय, बरमी बिहार, बंगलादेश मोनास्ट्री सहित अन्य स्थानों को चिह्नित किया गया है।
इसके अलावा बोधगया के विभिन्न सरकारी भवनों में भी आवासन की व्यवस्था करवाई जा रही है।
बैठक में प्रखंड विकास पदाधिकारी एवं कार्यपालक पदाधिकारी बोधगया को सभी आवासन स्थल पर रोशनी, बिजली, पेयजल, टॉयलेट सहित सभी व्यवस्था मुकम्मल करवाने का निर्देश दिया गया।
जिलाधिकारी ने कालचक्र मैदान में बड़ी संख्या में श्रद्धालुओं के जमावड़े के मद्देनजर यहां एम्बुलेंस सहित मेडिकल कैंप बनाते हुए डॉक्टर और पैरामेडिकल स्टाफ की उपस्थिति रखवाने का निर्देश दिया।
इसके अलावा महाबोधि मंदिर के समीप मेडिकल कैंप लगवाने के निर्देश दिए गए हैं। बताया गया कि श्रद्धालुओं को कालचक्र में प्रवेश के लिए एक विशेष प्रकार का पहचान पत्र त्रिपिटक ऑर्गेनाइजर के माध्यम से दिया जा रहा है।
इस समारोह को लेकर महाबोधि मंदिर, कालचक्र मैदान कैम्प्स, सभी गेट एवं बोधगया के विभिन्न स्थानों पर पुलिस की प्रतिनियुक्ति की जा रही है। कालचक्र मैदान के बाहर अस्थायी थाना स्थापित करवाने के भी निर्देश दिए गए हैं।





