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सोमवार, 5 अक्टूबर 2026 · सुबह 6:03 · नई दिल्ली संस्करण

शेरपुर में गर्भवती विवाहिता की हत्या: चार दिन बाद भी ठोस कार्रवाई नहीं, परिजनों ने दहेज हत्या का लगाया आरोप

राष्ट्रीय सागर डेस्क2 मिनट का पठन
शेरपुर में गर्भवती विवाहिता की हत्या: चार दिन बाद भी ठोस कार्रवाई नहीं, परिजनों ने दहेज हत्या का लगाया आरोप

दरभंगा। जिले में सकतपुर थाना क्षेत्र के शेरपुर गांव में गर्भवती विवाहिता चंदा देवी की संदिग्ध मौत ने पूरे इलाके को झकझोर दिया है। घटना के चार दिन बीत जाने के बाद भी पुलिस जांच में कोई ठोस प्रगति नहीं हो पाई है, जिससे परिजनों और ग्रामीणों में गहरा आक्रोश है।

पुलिस ने अबतक पूछताछ के लिए हिरासत में ली गई दो महिलाओं को जेल भेज दिया है, लेकिन अन्य आरोपित फरार हैं। चौंकाने वाली बात यह है कि पुलिस ने आरोपितों के घरों की तलाशी तक नहीं ली और न ही मृतका का मोबाइल फोन बरामद किया गया। हत्या में उपयोग किए गए हथियार या यदि जहर देकर मारा गया तो उसकी शीशी–पुर्जा जैसे साक्ष्य भी अबतक नहीं मिले हैं।

मृतका के भाई विजय मंडल ने थाना में दिए गए लिखित आवेदन में दहेज के लिए बहन की निर्मम हत्या का आरोप लगाया है। उन्होंने यह भी बताया कि घटना के समय चंदा का पति उनके साथ शहर में रह रहा था। घटना की सूचना मिलते ही दोनों एक साथ गांव लौटे। फिलहाल चंदा का पति अपने ससुराल भैरों स्थान थाना के काको गांव में ठहरा हुआ है, लेकिन पुलिस ने उससे अबतक कोई पूछताछ नहीं की है।

परिजनों का गंभीर आरोप है कि मृतका का सिर भी गायब है, जिसकी बरामदगी पुलिस अबतक नहीं कर सकी है। ऐसे में यह तक स्पष्ट नहीं हो पाया है कि यह मामला हत्या का है या आत्महत्या का।

सकतपुर थाना अध्यक्ष अरविंद कुमार का कहना है कि लगातार छापेमारी की जा रही है और पोस्टमार्टम रिपोर्ट की प्रतीक्षा है। हालांकि, जिस अस्पताल में इलाज की बात आरोपित सास ने कही थी, उसकी भी जांच पुलिस ने नहीं की है। लोगों का कहना है कि पुलिस की सुस्त कार्रवाई और ढीली पड़ती जांच से सच दबने का खतरा बढ़ गया है।

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