इंदौर में फिर लगे भाजपा नेता अक्षय बम के पोस्टर, कांग्रेस ने विश्वविद्यालय और चौक चौराहों पर चिपकाए
इंदौर,। लोकसभा चुनाव में कांग्रेस प्रत्याशी रहे अक्षयकांति बम
द्वारा ऐन वक्त पर नामांकन वापस लेने और बीजेपी में शामिल होने के बाद से
जारी विवाद थमने का नाम नहीं ले रहा है। इंदौर में सोमवार से कांग्रेस ने
एक बार अक्षय बम का पोस्टर लगा दिए हैं। कांग्रेस ने उन्हें शिक्षा माफिया
बताते हुए न सिर्फ विरोध प्रदर्शन किया बल्कि देवी अहिल्या विश्वविद्यालय
सहित चौक-चौराहों, ऑटों पर पोस्टर चिपकाए हैं। पोस्टर में सवाल पूछा है कि
साइकिल पर चलने वाला करोड़पति कैसे बना। कांग्रेसियों ने विरोध करते हुए
सरकार से उच्च स्तरीय जांच की मांग की है।
दरअसल,
पूरा मामला अक्षय बम के आयडलिक कॉलेज के स्टाफ का नाम डीएवीवी के एमबीए के
पेपर लीक से जुड़ा है। शहर कांग्रेस द्वारा सोमवार सुबह विश्वविद्यालय पर
हल्ला बोल पोल-खोलो अभियान की शुरुआत की गई। कार्यकर्ताओं ने काली पट्टी
बांधकर विरोध जताया और अक्षय बम के पोस्टर लगाए। कांग्रेस कार्यकर्ताओं ने
डीएवीवी परिसर के अलावा रीगल चौराहा, रेलवे स्टेशन, बस स्टेशन, ई-रिक्शा,
बसों पर यह पोस्टर लगाए हैं। पोस्टर में लिखा है- साइकिल से लेकर लक्जरी
चार पहिया वाहन तक का सफर। कांग्रेस का आरोप अक्षयकांति एवन साइकिल से
महंगी लक्जरी कार तक पहुंचे है। 15 लाख रुपए की घड़ी को लेकर भी आरोप लगाया
है। शासन द्वारा जुर्माना कॉलेज पर लगाया गया है।
इंदौर
शहर कांग्रेस कमेटी के कार्यवाहक अध्यक्ष देवेंद्र सिंह यादव ने आरोप
लगाया कि शिक्षा को अवैध धंधा बनाने वाले शिक्षा माफिया के खिलाफ देवी
अहिल्या विश्वविद्यालय पर काली पट्टी बांधकर हल्ला बोल पोल खोलो अभियान
चलाया गया। आयडलिक कॉलेज के संचालक अक्षय बम साइकिल से कुछ ही वर्षों में
करोड़पति कैसे बने? 15 लाख की घड़ी पहनने के साथ बड़ी लग्जरी गाड़ियों में
चलने लगा। यादव ने कहा कि कॉलेज की मान्यता निरस्त नहीं करते हुए
विश्वविद्यालय प्रशासन, कुलपति, कार्यपरिषद सदस्य, उच्च शिक्षा आयुक्त भी
दोषी हैं।





