सामूहिक हिंसा से मुख्यमंत्री ममता बेहद नाराज, मुख्य सचिव को फटकार के बाद प्रशासन के 11 निर्देश जारी
कोलकाता,। महानगर कोलकाता समेत पूरे राज्य में भीड़ के हाथों
हिंसा और हत्या की घटनाओं पर मुख्यमंत्री ममता बनर्जी ने तीखी नाराजगी जताई
है। उन्होंने राज्य के मुख्य सचिव बीपी गोपालिका को इसे लेकर फटकार लगाई
है और प्रशासन को कड़े कदम उठाने के निर्देश दिए हैं। इसके बाद पश्चिम
बंगाल सरकार ने 11 बिंदुओं की एक निर्देशिका जारी की है, जिसमें पुलिस
प्रशासन को खास तौर पर कुछ बातों का ध्यान रखने के निर्देश दिए गए हैं।
बुधवार रात जारी की गई इस निर्देशिका के मुताबिक पुलिस को जागरूकता फैलाने
और ऐसी अफवाहें, जिनके फैलने से हिंसा फैल सकती है, को रोकने के निर्देश
दिए है। पुलिस को जिन बिंदुओं पर खासतौर पर ध्यान देने को कहा गया है वे
हैं -
1. सभी पुलिस अधिकारियों को इन घटनाओं के
बारे में स्पष्ट निर्देश दिए गए हैं। उन्हें इन निर्देशों के बारे में पूरी
जानकारी होनी चाहिए।
2. सूचनाओं को एकत्रित करने के लिए
सिविक वॉलंटियर्स और सिविक पुलिस का अधिक अच्छे तरीके से उपयोग किया जा
सकता है, जिससे पुलिस का काम आसान हो सके।
3. आम जनता के बीच जागरूकता फैलाने के लिए अभियान चलाया जाना चाहिए।
4. स्थानीय क्लबों को भी सूचनाएं एकत्रित करने के काम में शामिल किया जा सकता है।
5. सोशल मीडिया पर अफवाहों के कारण कई जगहों पर भीड़ द्वारा पिटाई की घटनाएं हो रही हैं। इसे रोकने के लिए आवश्यक कदम उठाने होंगे।
6. सोशल मीडिया पर निगरानी बढ़ानी होगी और जो लोग अफवाहें फैला रहे हैं, उनके खिलाफ कार्रवाई करनी होगी।
7.
कई जगहों पर स्वर्ण दुकानों में डकैती की घटनाएं हो रही हैं। ऐसी घटनाओं
को रोकने के लिए डकैत गिरोहों को पकड़ना होगा और सभी संबंधित पक्षों के साथ
मिलकर काम करना होगा। विभिन्न डकैत गिरोहों के बारे में अधिक जानकारी
जुटानी होगी। इसके लिए बिहार और झारखंड पुलिस के साथ संपर्क बढ़ाना होगा।
8. पकड़े गए डकैत गिरोह के सदस्यों के खिलाफ क्या कार्रवाई हो रही है, इस पर नजर रखनी होगी। उन्हें सजा दिलाना सुनिश्चित करना होगा।
9. नाका चेकिंग को महत्व देना होगा।
10.
हाल ही में कुछ हत्याओं की घटनाएं भी हुई हैं, जहां आग्नेयास्त्रों और
बमों का इस्तेमाल किया गया है। इस स्थिति में अवैध आग्नेयास्त्रों और बमों
की बरामदगी का अभियान जारी रखना होगा। थाना पुलिस अधिकारियों को इस मामले
में विशेष सतर्कता बरतनी होगी। इस प्रक्रिया पर उच्च पदस्थ अधिकारियों को
नजर रखनी होगी।
11. महिलाओं के साथ किसी भी प्रकार की अपराध
की घटना होने पर, उस पर गंभीरता से कार्रवाई करनी होगी। आपातकालीन आधार पर
मामले दर्ज करके आरोपितों को गिरफ्तार करना होगा।





