Bihar 'पुलिस दीदी' की कामयाबी: 'ऑपरेशन तलाश' में 3,357 बच्चे सुरक्षित बरामद, लड़कियों की संख्या सबसे ज्यादा

बिहार पुलिस ने लापता, गुमशुदा और अपहृत बच्चों की तलाश के लिए चलाए जा रहे ‘ऑपरेशन तलाश’ के तहत बड़ी सफलता हासिल की है। 20 अगस्त से 2 सितंबर के बीच पुलिस ने 3,359 बच्चों का पता लगाया, जबकि 3,357 बच्चों को सुरक्षित बरामद किया गया। बरामद बच्चों में 652 लड़के और 2,705 लड़कियां शामिल हैं। अपराध अनुसंधान विभाग (सीआईडी) के कमजोर वर्ग प्रभाग की ओर से शुरू किया गया यह राज्यव्यापी अभियान अपर पुलिस महानिदेशक (कमजोर वर्ग) के. सुहिता अनुपम के निर्देशन में 20 अगस्त से शुरू हुआ है और 10 सितंबर तक चलेगा।
अभियान का उद्देश्य लापता, गुमशुदा और अपहृत बच्चों को तलाशने के साथ उनके रिकॉर्ड को भी अद्यतन करना है। पुलिस मुख्यालय के अनुसार, 20 अगस्त से 2 सितंबर के बीच मिशन वात्सल्य पोर्टल पर 2,254 लापता बच्चों की प्रविष्टियां दर्ज की गईं। इसी अवधि में पुलिस ने 3,359 बच्चों का पता लगाया, जबकि 2,787 बच्चों का मिलान पोर्टल पर उपलब्ध रिकॉर्ड से किया गया। बरामद बच्चों में 652 लड़के और 2,705 लड़कियां हैं। पोर्टल से रिकॉर्ड मिलान में 483 लड़के और 2,303 लड़कियां शामिल हैं।
पुलिस मुख्यालय के अनुसार, अभियान में विभिन्न पुलिस इकाइयों और अधिकारियों के बीच समन्वय स्थापित कर कार्रवाई की जा रही है। विशेष किशोर पुलिस इकाइयों, महिला एवं बाल कल्याण सहायता डेस्क, बाल कल्याण पुलिस अधिकारियों, मानव तस्करी निरोधक इकाइयों, महिला थानों के प्रभारियों तथा ‘पुलिस दीदी’ पहल से जुड़े सदस्यों को अभियान में शामिल किया गया है।
‘ऑपरेशन तलाश’ केवल थानों तक सीमित नहीं है। किशोर न्याय बोर्ड और जिला बाल संरक्षण समितियों की अनुमति से पुलिस टीमें पर्यवेक्षण गृह, रिमांड होम और बाल देखभाल संस्थानों में भी पहुंच रही हैं। वहां रह रहे कानून से संघर्षरत बच्चों और देखभाल एवं संरक्षण की जरूरत वाले बच्चों से बातचीत कर उन्हें मार्गदर्शन और परामर्श दिया जा रहा है। पुलिस के अनुसार, मिशन वात्सल्य पोर्टल की मदद से अब तक 6,857 बच्चों का पता लगाया जा चुका है, जबकि 4,273 बच्चों का संबंधित रिकॉर्ड से मिलान किया गया है।



