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सोमवार, 5 अक्टूबर 2026 · रात 3:57 · नई दिल्ली संस्करण

बिहार पुलिस का बड़ा कदम: महिला जवानों के लिए खरीदे जाएंगे विशेष सुरक्षा उपकरण और आधुनिक दंगा नियंत्रण गियर

बिहार पुलिस में तैनात महिला जवानों की सुरक्षा और कानून-व्यवस्था से जुड़ी चुनौतीपूर्ण परिस्थितियों में उनकी क्षमता बढ़ाने के लिए पुलिस मुख्यालय ने बड़ा कदम उठाया है।

राष्ट्रीय सागर डेस्क3 मिनट का पठन32 बार पढ़ा गया
बिहार पुलिस का बड़ा कदम: महिला जवानों के लिए खरीदे जाएंगे विशेष सुरक्षा उपकरण और आधुनिक दंगा नियंत्रण गियर

बिहार पुलिस में तैनात महिला जवानों की सुरक्षा और कानून-व्यवस्था से जुड़ी चुनौतीपूर्ण परिस्थितियों में उनकी क्षमता बढ़ाने के लिए पुलिस मुख्यालय ने बड़ा कदम उठाया है। महिला पुलिसकर्मियों के लिए अब विशेष पॉलीकार्बोनेट लाठी, फुल बॉडी प्रोटेक्टर, पारदर्शी शील्ड और दंगा नियंत्रण हेलमेट की खरीद की जा रही है। पुलिस मुख्यालय के अनुसार, ये आधुनिक सुरक्षा उपकरण दिसंबर 2026 तक उपलब्ध होने की उम्मीद है। बिहार पुलिस में महिला पुलिसकर्मियों की संख्या करीब 36 हजार पहुंच चुकी है। कानून-व्यवस्था, भीड़ नियंत्रण और अन्य अभियानों में महिला जवानों की भूमिका लगातार बढ़ रही है। ऐसे में उनके लिए विशेष सुरक्षा उपकरण उपलब्ध कराने की तैयारी की जा रही है।

पुलिस मुख्यालय ने करीब 10-10 हजार पॉलीकार्बोनेट लाठी, हेलमेट, फुल बॉडी प्रोटेक्टर और शील्ड खरीदने का ऑर्डर दिया है। इन उपकरणों का इस्तेमाल केंद्रीय बलों की महिला जवान भी करती हैं। महिला जवानों के लिए खरीदी जाने वाली पॉलीकार्बोनेट लाठी पारंपरिक लाठी की तुलना में हल्की और अधिक मजबूत होगी। इसका वजन करीब 500 ग्राम से अधिक नहीं होने की बात कही गई है। इससे कानून-व्यवस्था की ड्यूटी के दौरान जवानों को इसे संभालने में सुविधा होगी। वहीं, महिला पुलिसकर्मियों के लिए तैयार किए जा रहे फुल बॉडी प्रोटेक्टर का डिजाइन उनकी शारीरिक संरचना को ध्यान में रखकर किया जाएगा। इसमें आरामदायक कुशन और पसीना सोखने वाले मटेरियल का इस्तेमाल किए जाने की उम्मीद है, ताकि गर्मी और उमस में लंबे समय तक ड्यूटी के दौरान परेशानी कम हो।

पत्थरबाजी और हमलों से बचाव में मदद: भीड़ नियंत्रण और दंगा जैसी परिस्थितियों में पुलिसकर्मियों को पत्थरबाजी, लाठी-डंडों और अन्य वस्तुओं के हमले का सामना करना पड़ सकता है। ऐसे में फुल बॉडी प्रोटेक्टर शरीर के महत्वपूर्ण हिस्सों को चोट से बचाने में मदद करेगा। पुलिस मुख्यालय की ओर से खरीदे जा रहे सुरक्षा उपकरणों में आग, पत्थरबाजी, चाकू और एसिड जैसे संभावित खतरों से सुरक्षा को ध्यान में रखा गया है। उपकरणों का वजन मॉडल और डिजाइन के अनुसार अलग-अलग हो सकता है।

पारदर्शी शील्ड से सामने की गतिविधियों पर नजर: महिला जवानों को पॉलीकार्बोनेट शील्ड भी उपलब्ध कराई जाएगी। पारदर्शी होने के कारण जवान शील्ड के पीछे से भी सामने की स्थिति पर नजर रख सकेंगी। भीड़ नियंत्रण और दंगा प्रभावित परिस्थितियों में यह उपकरण सुरक्षा के साथ आगे बढ़ने में मददगार हो सकता है। पॉलीकार्बोनेट मजबूत प्लास्टिक सामग्री है, जिसका इस्तेमाल विभिन्न सुरक्षा उपकरणों में किया जाता है। हालांकि, किसी शील्ड की वास्तविक मजबूती उसकी गुणवत्ता, मोटाई और निर्माण मानकों पर निर्भर करती है।

पुलिस मुख्यालय की ओर से करीब 10 हजार दंगा नियंत्रण हेलमेट भी खरीदे जा रहे हैं। इनका उद्देश्य सिर, चेहरे, आंखों और गर्दन को संभावित चोटों से बचाना है। शील्ड और हेलमेट जैसे सुरक्षा उपकरण दंगा नियंत्रण के दौरान जवानों की सुरक्षा व्यवस्था को मजबूत करेंगे। महिला पुलिसकर्मियों के सुरक्षा उपकरणों के अलावा बिहार पुलिस की तकनीकी और वैज्ञानिक जांच क्षमता बढ़ाने की दिशा में भी खरीद की जा रही है। टोही अभियानों के लिए रात में देखने में मदद करने वाली 102 दूरबीन खरीदी जाएंगी।

इसके साथ ही डीएनए जांच के लिए रियल टाइम पीसीआर मशीन और घटनास्थल से जुटाए गए नमूनों को सुरक्षित रखने के लिए रेफ्रीजरेटेड सेंट्रीफ्यूज की खरीद की जा रही है। पुलिस मुख्यालय के इस कदम से महिला पुलिसकर्मियों को कानून-व्यवस्था और भीड़ नियंत्रण जैसी चुनौतीपूर्ण ड्यूटी में बेहतर सुरक्षा उपकरण मिलने की उम्मीद है। साथ ही आधुनिक तकनीकी और फोरेंसिक संसाधनों की उपलब्धता से बिहार पुलिस की जांच और अभियान क्षमता को भी मजबूती मिलने की संभावना है।

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