सुप्रीम कोर्ट में बोले कपिल सिब्बल- बांदा जेल में मुख्तार अंसारी को खाने में जहर दिए जाने की हो जांच
नई
दिल्ली, । उत्तर प्रदेश के बाहुबली नेता रहे मुख्तार
अंसारी की बांदा जेल में हुई मौत पर उसके पुत्र उमर अंसारी की ओर से पेश
वकील कपिल सिब्बल ने सुप्रीम कोर्ट में सवाल उठाते हुए कहा कि जेल में
उन्हें जहर दिया गया था, जिसकी जांच जरूरी है। उन्होंने कहा कि मुख्तार
अंसारी ने जिन्दा रहते बांदा जेल में जान के खतरे की अंदेशा जताया था। इस
पर उसके बेटे उमर अंसारी ने सुप्रीम कोर्ट में याचिका दाखिल की थी, लेकिन
मार्च में ही मुख्तार अंसारी की मौत हो चुकी है। इस वजह से वह याचिका
निष्प्रभावी हो चुकी है।
सिब्बल ने कहा कि ऐसे में हम इस याचिका में
संशोधन कर नई अर्जी दाखिल करना चाहते हैं। इस पर कोर्ट ने उमर अंसारी की
ओर से अपनी याचिका में संशोधन की मांग पर यूपी सरकार को नोटिस जारी किया।
इस मामले पर यूपी सरकार का जवाब आने के बाद सुप्रीम कोर्ट यह तय करेगा कि
उमर अंसारी की संशोधन की मांग वाली याचिका को सुनवाई के लिए स्वीकार किया
जाए या नहीं।
उमर अंसारी की याचिका पर सुप्रीम कोर्ट ने 15 दिसंबर,
2023 को यूपी सरकार को नोटिस जारी किया था। याचिका में उमर अंसारी ने बांदा
जेल में बंद अपने पिता की हत्या की आशंका जताई थी। याचिका में कहा गया थी
कि वर्तमान यूपी सरकार उनके परिजनों को टारगेट कर रही है। उन्हें आशंका है
कि मुख्तार अंसारी की बांदा जेल में ही हत्या की जा सकती है। याचिका में
कहा गया था कि याचिकाकर्ता को पुख्ता सूचना मिली है कि मुख्तार अंसारी की
हत्या की साजिश रची जा रही है। याचिका में मांग की गई था कि मुख्तार अंसारी
को गैर भाजपा शासित किसी भी राज्य की जेल में ट्रांसफर कर दिया जाए। इस
बीच 28 मार्च को मुख्तार अंसारी की जेल में रहते हार्ट अटैक से मौत हो गई
थी।





