मप्र के मास्टर अवनीश तिवारी से आज प्रधानमंत्री करेंगे संवाद
भोपाल,
23 जनवरी । जिस दिव्यांगता के चलते घरवालों ने बचपन में ही त्याग
दिया, उसी दिव्यांगता को पीछे छोड़कर मध्य प्रदेश के नौ वर्षीय अवनीश
तिवारी अब बच्चों के अधिकार की लड़ाई लड़ रहे हैं। इसके लिए उन्हें
प्रधानमंत्री राष्ट्रीय बाल पुरस्कार 2024 से सम्मानित किया गया है।
प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी आज (मंगलवार ) मास्टर अवनीश तिवारी से संवाद
करेंगे।
जनसंपर्क अधिकारी जकिया रूही ने बताया कि राष्ट्रपति
द्रौपदी मुर्मू द्वारा सोमवार नई दिल्ली के विज्ञान भवन में आयोजित
पुरस्कार समारोह में मध्य प्रदेश के मास्टर अवनीश तिवारी को प्रधानमंत्री
राष्ट्रीय बाल पुरस्कार 2024 से सम्मानित किया गया। इंदौर के नौ वर्षीय
मास्टर अवनीश को सामाजिक सेवा में उत्कृष्टता के लिए यह पुरस्कार प्रदान
किया गया। मास्टर अवनीश डाउन्स सिंड्रोम से प्रभावित एक विशेष बालक हैं।
सात वर्ष की आयु में उन्होंने माउंट एवरेस्ट के बेस कैंप तक सफल ट्रैकिंग
की है। वर्ष 2022 में श्रेष्ठ दिव्यांग बालक पुरस्कार पाने वाले वे सबसे कम
उम्र के बालक थे। मास्टर अवनीश का यह दूसरा राष्ट्रीय पुरस्कार है। इससे
पहले उन्हें सर्वश्रेष्ठ दिव्यांग बाल पुरस्कार भी मिल चुका है।
उन्होंने
बताया कि राष्ट्रपति द्वारा सोमवार को वीरता, कला और संस्कृति, नवाचार,
विज्ञान प्रौद्योगिकी, समाज सेवा और खेल जैसे क्षेत्रों में पांच से 18
वर्ष आयु वर्ग के 18 अन्य बच्चों को सम्मानित किया गया। इन सभी राष्ट्रीय
बाल पुरस्कार विजेताओं से आज प्रधानमंत्री मोदी संवाद करेंगे। पुरस्कार
विजेता गणतंत्र दिवस समारोह 2024 में भी भाग लेंगे।
अपने कारनामों
की सूची में अवनीश ने चार वर्ल्ड रिकार्ड भी शामिल कर रखे हैं। उन्हें 30
से ज्यादा एक्सीलेंस अवार्ड और वर्ष 2023 में चाइल्ड आइकान अवार्ड भी दिया
जा चुका है। इसके अलावा डाउन सिंड्रोम एक्सीलेंस अवार्ड से भी उन्हें
सम्मानित किया जा चुका है। उन्होंने करीब 1000 अंतरराष्ट्रीय और राष्ट्रीय
सेमिनार में संबोधन भी दिया है। यही नहीं सात वर्ष की उम्र में माउंट
एवरेस्ट की चढ़ाई कर चुके हैं, ऐसा करने वाले वे दुनिया के पहले बालक थे।
पांच दिनों में उन्होंने अपने पिता के साथ एवरेस्ट की चढ़ाई की । इस दौरान
आदित्य ने अवनीश की सेहत का पूरा ख्याल रखा था।





