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सोमवार, 5 अक्टूबर 2026 · रात 3:14 · नई दिल्ली संस्करण

एकाग्रता और संकल्प पर पीएम मोदी का खास संदेश, साझा किया सुभाषित

राष्ट्रीय सागर डेस्क2 मिनट का पठन
एकाग्रता और संकल्प पर पीएम मोदी का खास संदेश, साझा किया सुभाषित

नई दिल्ली। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म 'एक्स' पर मंगलवार को सुभाषित शेयर किया।

प्रधानमंत्री की ओर से सोशल मीडिया पर संस्कृत श्लोक 'एकाग्रताथ सङ्कल्पः स्नायुवद्‌ वर्द्धनक्षमौ। नित्याभ्यासप्रयोगाभ्यामधिकाधिकमृध्यतः॥' साझा किया गया। इस श्लोक का हिंदी अर्थ है कि एकाग्रता और संकल्प हमारे स्नायुतंत्र की भांति है, जिन्हें नियमित अभ्यास और सही दिशा में प्रयत्न के माध्यम से निरंतर विकसित और सशक्त बनाया जा सकता है।

समय के साथ ये दोनों और अधिक दृढ़ तथा प्रभावशाली बनते जाते हैं।"

बीते दिन सोमवार को पीएम मोदी ने सुभाषित पोस्ट शेयर करते हुए लिखा था, "आज हमारे युवा साथी धैर्य, आत्मविश्वास और अथक परिश्रम से ऐतिहासिक सफलता हासिल कर रहे हैं। यही विकसित हो रहे भारत की सबसे बड़ी ताकत है।"

पीएम मोदी ने संस्कृत श्लोक, "प्राप्यापदं न व्यथते कदाचिदुद्योगमन्विच्छति चाप्रमत्तः।

दुःखं च काले सहते महात्मा धुरन्धरस्तस्य जिताः सपत्नाः॥" भी साझा किया था, जिसका हिंदी अर्थ है कि जो मनुष्य संकट के समय कभी विचलित नहीं होता, बल्कि धैर्य, कुशलता और सावधानी के साथ उससे बाहर निकलने का प्रयास करता है तथा समय आने पर दुखों को भी सहजता से सहन करता है, वह अंतत: कभी पराजित नहीं होता, बल्कि विपरीत परिस्थितियों पर भी विजय प्राप्त करता है।

इससे पहले प्रधानमंत्री ने 17 जुलाई को सुभाषित शेयर करते हुए लिखा था, "आज भारत को पहली हाइड्रोजन ट्रेन मिलने का सपना साकार होने जा रहा है। यह आत्मनिर्भर भारत और सतत विकास की दिशा में एक बहुत बड़ा दिन है।

मैं इससे जुड़े सभी लोगों को बहुत बधाई देता हूं।"

पीएम मोदी ने संस्कृत श्लोक, "प्रभूतं कार्यमल्पं वा यन्नरः कर्तुमिच्छति। सर्वारम्भेण तत् कार्यं सिंहादेकं प्रचक्षते।।" भी साझा किया था। जिसका हिंदी अर्थ है कि चाहे कार्य बहुत बड़ा हो या छोटा- जिसे मनुष्य करना चाहता है, उस पूर्ण समर्थन या नए उत्साह के साथ करना चाहिए, यही एक गुण सिंह से सीखने योग्य है।

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