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सोमवार, 5 अक्टूबर 2026 · सुबह 8:42 · नई दिल्ली संस्करण

पीएम मोदी बोले– कर्मशील और ऊर्जावान नागरिक ही देश की सबसे बड़ी ताकत

राष्ट्रीय सागर डेस्क2 मिनट का पठन
पीएम मोदी बोले– कर्मशील और ऊर्जावान नागरिक ही देश की सबसे बड़ी ताकत

नई दिल्ली। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने गुरुवार को सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म 'एक्स' पर कर्मशील और उर्जावान लोगों की शक्ति को रेखांकित करते हुए एक संस्कृत सुभाषित शेयर किया।

पीएम मोदी ने पोस्ट में लिखा कि कर्मशील और ऊर्जावान देशवासी ही राष्ट्र की सबसे बड़ी शक्ति हैं, जिनके परिश्रम से विकास की नई राहें तय होती हैं। इनके प्रयासों से देश समृद्धि, आत्मनिर्भरता और उन्नति के शिखर को छूता है।

उन्होंने सुभाषित शेयर करते हुए लिखा कि अनिर्वेदो हि सततं सर्वार्थेषु प्रवर्तकः। करोति सफलं जन्तोः कर्म यच्च करोति सः॥

पीएम मोदी ने 29 अप्रैल को सजग नागरिक के कर्तव्य को रेखांकित करते हुए सुभाषित पोस्ट किया था। उन्होंने 'एक्स' पोस्ट में लिखा था कि देश के एक सजग नागरिक के रूप में हमारा कर्तव्य है कि हम लोकतंत्र को और अधिक सशक्त बनाने के लिए रिकॉर्ड मतदान सुनिश्चित करें। इस तरह हम न केवल भारतवर्ष के नवनिर्माण में अपनी सक्रिय भागीदारी निभा सकते हैं बल्कि एक समर्थ और समृद्ध राष्ट्र की नींव को और मजबूत कर सकते हैं।

उन्होंने सुभाषित शेयर करते हुए लिखा था कि राज्ञो हि व्रतमुत्थानं यज्ञः कार्यानुशासनम्। दक्षिणा वृत्तिसाम्यं च दीक्षितस्याभिषेचनम्॥

पीएम मोदी ने 28 अप्रैल को संयम और समर्पण को लेकर सुभाषित शेयर करते हुए लिखा था कि संयम और समर्पण के साथ किया गया परिश्रम अद्भुत सफलता दे सकता है। इससे राष्ट्र की समृद्धि और सामर्थ्य को भी एक नई ऊर्जा मिलती है। उन्होंने सुभाषित शेयर करते हुए लिखा था कि उत्थानं संयमो दाक्ष्यमप्रमादो धृतिः स्मृतिः। समीक्ष्य च समारम्भो विद्धिमूलं भवस्य तु॥

प्रधानमंत्री ने 27 अप्रैल को सुभाषित शेयर करते हुए लिखा था कि राष्ट्र की असली शक्ति उसके नागरिकों की निःस्वार्थ सेवा भावना में निहित है। इससे लोग एक दूसरे से प्रेरित होते हैं और हमारा समाज भी और समृद्ध होता है। उन्होंने शुभाषित में लिखा कि छायामन्यस्य कुर्वन्ति तिष्ठन्ति स्वयमातपे। फलान्यपि परार्थाय वृक्षाः सत्पुरुषा इव॥

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