प्रधानमंत्री ने पूर्व उपराष्ट्रपति एम वेंकैया नायडू पर तीन पुस्तकों का विमोचन किया
नई
दिल्ली,। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने आज पूर्व
उपराष्ट्रपति एम वेंकैया नायडू की जीवन यात्रा पर तीन पुस्तकों का वीडियो
कॉन्फ्रेंसिंग के माध्यम से विमोचन किया। अन्वया कन्वेंशन सेंटर, गाचीबोवली
तेलंगाना में नायडू की 75वीं वर्षगांठ पर एक कार्यक्रम आयोजित किया गया
था।
इस अवसर पर प्रधानमंत्री ने नायडू को बधाई देते हुए
कहा कि उनकी जीवनी और दो अन्य पुस्तकें लोगों को सही दिशा में काम करने के
लिए प्रेरित करेंगी। उन्हें स्वयं उनसे साथ में काम करने के दौरान प्रेरणा
मिली है। भाजपा में राष्ट्रीय अध्यक्ष, मंत्रिमंडल में सहयोगी और देश के
उपराष्ट्रपति के तौर पर उनके साथ काम करने और सीखने के कई मौके मिले हैं।
आज
विमोचित पुस्तकों में पूर्व उपराष्ट्रपति की जीवनी 'वेंकैया नायडू-लाइफ इन
सर्विस', संकलित एक फोटो क्रॉनिकल 'सेलिब्रेटिंग भारत-एम. वेंकैया नायडू
का भारत के 13वें उपराष्ट्रपति के रूप में मिशन और संदेश’ और सचित्र जीवनी
'महानता-एम. वेंकैया नायडू का जीवन और यात्रा' शामिल है। इन्हें क्रमशः द
हिंदू, हैदराबाद संस्करण के पूर्व रेजिडेंट एडिटर एस नागेश कुमार, उनके
पूर्व सचिव आई.वी. सुब्बा राव, संजय किशोर ने लिखा एवं संकलित किया है।
इस
अवसर पर प्रधानमंत्री ने कहा कि सत्ता सुख पाने के लिए नहीं है, बल्कि
सेवा के माध्यम से समाधान करने के लिए है। अटल बिहारी वाजपेई की सरकार और
उनकी सरकार में भी उन्होंने इसे चरितार्थ करके दिखाया है। वह हमेशा
किसानों, गरीबों और ग्रामीणों के लिए काम करना चाहते रहे हैं। उन्हें
स्वच्छ भारत मिशन, स्मार्ट सिटीज मिशन और अमृत योजना जैसी कई पहल शुरू करने
का श्रेय जाता है।
आपातकाल को याद करते हुए प्रधानमंत्री
ने कहा कि कांग्रेस को इसे लगाए हुए 50 वर्ष होने जा रहे हैं। आपातकाल के
दौरान एम वेंकैया नायडू 17 महीने जेल में रहे। वह सच्चे अर्थों में एक
कार्यकर्ता की तरह इसके खिलाफ संघर्षरत रहे।





