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सोमवार, 5 अक्टूबर 2026 · सुबह 8:40 · नई दिल्ली संस्करण

PM Modi ने 'मन की बात' में की चर्चा: बोडोलैंड की नई उड़ान, फुटबॉल बना परिवर्तन का प्रतीक

राष्ट्रीय सागर डेस्क2 मिनट का पठन
PM Modi ने 'मन की बात' में की चर्चा: बोडोलैंड की नई उड़ान, फुटबॉल बना परिवर्तन का प्रतीक

बोडोलैंड से

राष्ट्रीय मंच तक: फुटबॉल के मैदान में उभरता आत्मनिर्भर भारत

नई दिल्ली , 29 जून 2025 : प्रधानमंत्री

नरेंद्र मोदी ने मन की बात की 123वीं कड़ी में एक ऐसी प्रेरणादायक तस्वीर

प्रस्तुत की, जिसने देशवासियों

के दिलों को छू लिया। उन्होंने असम के बोडोलैंड क्षेत्र में हो रहे परिवर्तन की एक

जीवंत झलक दी—जहाँ कभी संघर्ष

और सीमितताओं की पहचान थी, वहां आज ऊर्जा, उत्साह और आत्मविश्वास की गूंज सुनाई दे

रही है। प्रधानमंत्री ने सुबह की सुनहरी धूप में मैदान की ओर बढ़ते फुटबॉल

प्रेमियों की कल्पना से शुरुआत की, और बताया कि कैसे अब बोडोलैंड उम्मीद और एकता का नया प्रतीक

बन चुका है।

बोडोलैंड

टेरिटोरियल एरिया में आयोजित बोडोलैंड CEM कप महज एक टूर्नामेंट नहीं है, बल्कि यह सामाजिक पुनर्निर्माण और युवा सशक्तिकरण का एक

उत्सव बन गया है। इस प्रतियोगिता में 3,700 से अधिक टीमों और करीब 70,000 खिलाड़ियों की भागीदारी यह बताती है कि कैसे खेल अब इस

क्षेत्र की आत्मा में रच-बस चुका है। सबसे गर्व की बात यह है कि इनमें बड़ी संख्या

में बेटियों ने भी हिस्सा लिया है, जो महिला सशक्तिकरण की दिशा में एक मजबूत संकेत है।

एक समय था जब

बोडोलैंड हिंसा और असंतोष के लिए जाना जाता था, पर अब यहाँ के युवा आत्मनिर्भर भारत की नयी तस्वीर गढ़ रहे

हैं। प्रधानमंत्री ने उन स्थानीय फुटबॉल खिलाड़ियों का उल्लेख किया जिन्होंने

सीमित संसाधनों और कठिन हालात के बावजूद राष्ट्रीय पहचान बनाई—हालीचरण नारजारी, दुर्गा बोरो, अपूर्वा नारजारी और मनबीर बसुमतारी जैसे नाम अब न

सिर्फ बोडोलैंड बल्कि पूरे देश की नई उम्मीद बन गए हैं।

इन युवाओं की

कहानी हमें यह सिखाती है कि अगर इच्छाशक्ति हो तो कोई बाधा रास्ता नहीं रोक सकती।

बोडोलैंड अब सिर्फ एक भौगोलिक क्षेत्र नहीं, बल्कि आत्मबल, खेल भावना और सामाजिक बदलाव का प्रतीक बन चुका है। यह

क्षेत्र हमें याद दिलाता है कि राष्ट्र निर्माण सिर्फ नीति से नहीं, नवजागरण और नवउत्साह से भी होता है — और इस यात्रा में खेल एक प्रभावशाली

माध्यम बनकर उभरा है।

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