मुख्य सामग्री पर जाएँ
ब्रेकिंग
Rajasthan Panchayat Election 2026: पंचायत चुनाव का ऐलान, 4 चरणों में होगी वोटिंग, जानिए पूरा शेड्यूलमुंबई में CJP का प्रदर्शन पड़ा भारी! जेल भरो आंदोलन पर FIR, आयोजकों में हड़कंपज्ञानेश कुमार पर चले लोकतंत्र की हत्या का मुकदमा! प्रमोद तिवारी का बड़ा हमलाBJP का झंडा उतारने वाले संजयन त्रिपाठी अब साइकिल पर सवार, समाजवादी पार्टी में हुए शामिलCM Yogi का बड़ा तोहफा: 4.60 लाख छात्रों के खाते में आई छात्रवृत्ति, आपके खाते में आई क्या? चेक करेंNoida: सुपरनोवा की 43वीं मंजिल से युवक ने लगाई छलांग, मौके पर दर्दनाक मौत, सोसाइटी में हड़कंपमुंबई प्रदर्शन के बाद CJP का दिल्ली कूच का ऐलान, अभिजीत दिपके ने कही ये बड़ी बातगठबंधन में फूट! रायबरेली से डरते थे राहुल गांधी! सपा नेता का बड़ा खुलासा, अखिलेश ने दी थी धमकी

सोमवार, 5 अक्टूबर 2026 · सुबह 7:35 · नई दिल्ली संस्करण

प्रधानमंत्री मोदी ने अक्षय तृतीया की शुभकामनाएं दीं, भगवान बसवेश्वर को याद किया

राष्ट्रीय सागर डेस्क1 मिनट का पठन
प्रधानमंत्री मोदी ने अक्षय तृतीया की शुभकामनाएं दीं, भगवान बसवेश्वर को याद किया

नई दिल्ली। प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी ने आज सवेरे देशवासियों को अक्षय तृतीया की शुभकामनाएं दीं। इसी के साथ बसव जयंती के शुभ अवसर पर जगद्गुरु बसवेश्वर का पुण्य स्मरण किया। प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी ने इस संबंध में दो अलग-अलग संदेश एक्स पर जारी किए।प्रधानमंत्री मोदी ने लिखा, '' आप सभी को अक्षय तृतीया की अनंत शुभकामनाएं। मानवता को समर्पित यह पावन पर्व हर किसी के लिए सफलता, संपन्नता और प्रसन्नता लेकर आए, जो विकसित भारत के संकल्प को नई शक्ति प्रदान करे। '' प्रधानमंत्री ने दूसरे संदेश में लिखा, '' बसव जयंती के शुभ अवसर पर हम जगद्गुरु बसवेश्वर के गहन ज्ञान को याद करते हैं। समाज के प्रति उनका दृष्टिकोण और हाशिए पर पड़े लोगों के उत्थान के लिए उनके अथक प्रयास आज भी हमारा मार्गदर्शन करते हैं।''उल्लेखनीय है कि वैशाख शुक्ल पक्ष की तृतीया तिथि को अक्षय तृतीया कहा जाता है। इस दिन सूर्य और चन्द्रमा दोनों ही अपनी उच्च राशि में स्थित होते हैं। अतः दोनों की सम्मिलित कृपा का फल अक्षय हो जाता है। अक्षय का अर्थ होता है जिसका क्षय न हो। माना जाता है कि इस तिथि को किए गए कार्यों के परिणाम का क्षय नहीं होता।इसके अलावा बसवेश्वर भगवान को हिंदू धर्म में जाति व्यवस्था और अन्य कुरीतियों के खिलाफ संघर्ष करने के लिए जाना जाता है। उन्हें विश्व गुरु, भक्ति भंडारी और बसव भी कहा जाता है। उन्होंने लिंग, जाति, सामाजिक स्थिति की परवाह किए बिना सभी लोगों को बराबर अवसर देने की बात कही। वह निराकार भगवान की अवधारणा के समर्थक हैं।

यह ख़बर दूसरों तक पहुँचाएँ

WhatsAppFacebookX

संबंधित ख़बरें