मुख्य सामग्री पर जाएँ
ब्रेकिंग
Rajasthan Panchayat Election 2026: पंचायत चुनाव का ऐलान, 4 चरणों में होगी वोटिंग, जानिए पूरा शेड्यूलमुंबई में CJP का प्रदर्शन पड़ा भारी! जेल भरो आंदोलन पर FIR, आयोजकों में हड़कंपज्ञानेश कुमार पर चले लोकतंत्र की हत्या का मुकदमा! प्रमोद तिवारी का बड़ा हमलाBJP का झंडा उतारने वाले संजयन त्रिपाठी अब साइकिल पर सवार, समाजवादी पार्टी में हुए शामिलCM Yogi का बड़ा तोहफा: 4.60 लाख छात्रों के खाते में आई छात्रवृत्ति, आपके खाते में आई क्या? चेक करेंNoida: सुपरनोवा की 43वीं मंजिल से युवक ने लगाई छलांग, मौके पर दर्दनाक मौत, सोसाइटी में हड़कंपमुंबई प्रदर्शन के बाद CJP का दिल्ली कूच का ऐलान, अभिजीत दिपके ने कही ये बड़ी बातगठबंधन में फूट! रायबरेली से डरते थे राहुल गांधी! सपा नेता का बड़ा खुलासा, अखिलेश ने दी थी धमकी

सोमवार, 5 अक्टूबर 2026 · रात 3:23 · नई दिल्ली संस्करण

प्रधानमंत्री ने स्वामित्व योजना के तहत 65 लाख से अधिक संपत्ति कार्ड बांटे

राष्ट्रीय सागर डेस्क2 मिनट का पठन
प्रधानमंत्री ने स्वामित्व योजना के तहत 65 लाख से अधिक संपत्ति कार्ड बांटे

नई दिल्ली। प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी ने शनिवार को वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के माध्यम से 10 राज्यों और 2 केन्द्र-शासित प्रदेशों के 230 से अधिक जिलों के 50 हजार से अधिक गांवों में संपत्ति मालिकों को स्वामित्व योजना के तहत 65 लाख से अधिक संपत्ति कार्ड वितरित किए। प्रधानमंत्री ने स्वामित्व योजना के तहत संपत्ति कार्ड के लाभार्थियों से बातचीत भी की।इस मौके पर प्रधानमंत्री मोदी ने कहा कि आज का दिन हमारे देश के गांवों के लिए और ग्रामीण अर्थव्यवस्था के लिए ऐतिहासिक दिन है। उन्होंने कहा कि हजारों ग्राम पंचायतें, स्वामित्व योजना से जुड़े अनगिनत लाभार्थी और इतना बड़े कार्यक्रम में आपका उत्साह देखकर मैं आप सभी को हृदय से बहुत-बहुत बधाई देता हूं।उल्लेखनीय है कि प्रधानमंत्री द्वारा स्वामित्व योजना की शुरुआत गांवों में बसे हुए क्षेत्रों में घरों के मालिक परिवारों को सर्वेक्षण से संबंधित आधुनिकतम ड्रोन तकनीक के माध्यम से ‘अधिकारों का रिकॉर्ड’ प्रदान करके ग्रामीण भारत की आर्थिक प्रगति को आगे बढ़ाने की दृष्टि से की गई थी। यह योजना संपत्तियों के मुद्रीकरण एवं बैंक ऋण के माध्यम से संस्थागत ऋण को संभव बनाने, संपत्ति संबंधी विवादों को कम करने, ग्रामीण क्षेत्रों में संपत्तियों व संपत्ति कर के बेहतर आकलन की सुविधा प्रदान करने और ग्राम-स्तर की व्यापक योजना के निर्माण में भी मदद करती है।कुल 3.17 लाख से अधिक गांवों में ड्रोन सर्वेक्षण पूरा हो चुका है, जिसमें लक्षित गांवों का 92 प्रतिशत हिस्सा शामिल है। अब तक 1.53 लाख से अधिक गांवों के लिए लगभग 2.25 करोड़ संपत्ति कार्ड तैयार किए जा चुके हैं। इस योजना ने पुडुचेरी, अंडमान एवं निकोबार द्वीप समूह, त्रिपुरा, गोवा, उत्तराखंड और हरियाणा में पूर्ण संतृप्ति हासिल कर ली है। मध्य प्रदेश, उत्तर प्रदेश और छत्तीसगढ़ के साथ-साथ कई केन्द्र-शासित प्रदेशों में भी ड्रोन सर्वेक्षण पूरा हो चुका है।

यह ख़बर दूसरों तक पहुँचाएँ

WhatsAppFacebookX

संबंधित ख़बरें