आखिर प्रधानमंत्री ने क्यों कहा न्यायालय ने न्याय की लाज रख ली
नई दिल्ली और अयोद्धया से एक साथ
प्रभु राम लला अपने मंदिर में विराजमान हो गए हैं। देश के प्रधानमंत्री ने इस अवसर पर उस्थित श्रेष्ठजनों को संबोधित किया। उन्होंने कहा हमारी कई पीढ़ियों ने राम का वियोग रहा है। हमारे संविधान की पहली प्रति में भी राम विराजमान हैं। मैं आभार व्यक्त करूंगा भारत की न्यायपालिका का जिसने न्याय की लाज रख ली। न्याय के पर्याय प्रभु राम का मंदिर भी न्यायबद्ध तरीके से ही बना। आज गांव-गांव में कीर्तन संकीर्तन हो रहे हैं। मंदिरों में उत्सव हो रहे हैं। पूरा देश आज दीपावली मना रहा है।
आज शाम घर-घऱ राम ज्योति प्रज्ज्वलित करने की तैयारी है। कल मैं श्रीराम के आशार्वाद से धनुषकोडि में राम सेतु के आरंभ बिंदु अरिचल मोनाई पर था। जिस समय श्रीराम समुद्र पार करने निकले वह पल था जब कालचक्र बदला था। उस भाव को महसूस करने का मेरा विनम्र प्रयास था। वहां मेरे भीतर एक विश्वास जगा कि जैसे उस समय कालचक्र बदला था उसी तरह अब कालचक्र फिर बदलेगा और शुभ दिशा में बढ़ेगा। अपने 11 दिन के व्रत अनुष्ठान के दौरान मैंने उन स्थानों को छूने का प्रयास किया जहां श्री राम के चरण पड़े थे।





