डीजीसीए ने कहा- अफगानिस्तान में दुर्घटनाग्रस्त छोटा विमान भारत का नहीं
काबुल/नई
दिल्ली, 21 जनवरी । तालिबान शासित अफगानिस्तान में दुर्घटनाग्रस्त
विमान भारत का नहीं है। यह मोरक्को में रजिस्टर्ड है। यह विमान थाइलैंड से
मॉस्को जा रहा था। कुछ रिपोर्ट्स में पहले इस विमान को भारतीय बताया गया
था। इसके बाद भारत के नागरिक उड्डयन मंत्रालय ने कहा कि यह डीएफ-10 मॉडल का
छोटा विमान है। मॉस्को जाते समय इस विमान में भारत के गया एयरपोर्ट पर
ईंधन भरा गया, लेकिन यह भारतीय विमान नहीं है।
अफगानिस्तान के टोलो
न्यूज की रिपोर्ट के मुताबिक यह विमान तकनीकी खराबी की वजह से रास्ता भटक
गया और अफगानिस्तान के बदख्शां खां प्रॉविंस के जेबाग जिले के पहाड़ी इलाके
में क्रैश हो गया। पाकिस्तान और अफगानिस्तान में इसके भारतीय विमान होने
की जानकारी दी गई। इस बारे में तालिबान के ट्रांसपोर्ट और एविएशन मिनिस्टर
इमामुद्दीन अहमदी ने कहा कि यह हुआ विमान रूस का स्पेशल जेट था। थाइलैंड से
मॉस्को जाते समय विमान रास्ता भटकने की वजह से अफगानिस्तान पहुंच गया।
नागरिक
उड्डयन महानिदेशालय (डीजीसीए) ने पुष्टि की है कि यह भारतीय विमान नहीं
है। अफगानिस्तान में दुर्घटनाग्रस्त न तो भारतीय अनुसूचित विमान है और न ही
गैर-अनुसूचित (एनएसओपी)/चार्टर विमान है। यह मोरक्को में पंजीकृत डीएफ-10
(डसॉल्ट फाल्कन) छोटा विमान है। इसकी क्षमता छह यात्रियों और क्रू मेंबर्स
को ले जाने की है। इसे चार्टर्ड फ्लाइट या एयर एंबुलेंस के तौर पर ऑपरेट
किया जाता है। हालांकि, इसकी रेंज बहुत ज्यादा नहीं होती है। यह एक बार
ईंधन भरने के बाद बहुत लंबी दूरी तय नहीं कर सकता है। इसी वजह से थाइलैंड
से मॉस्को जाते समय इस विमान में भारत के गया एयरपोर्ट पर ईंधन भरा गया,
लेकिन यह भारतीय विमान नहीं है।
बदख्शां के सूचना और
संस्कृति विभाग के प्रमुख जबीहुल्लाह अमीरी ने कहा कि जांच के लिए एक टीम
को इलाके में भेजा गया है। फिलहाल हादसे में हताहतों की संख्या की जानकारी
नहीं मिल पाई है। इस बीच रूस के विमानन अधिकारियों ने कहा है कि यह विमान
शनिवार देर शाम रडार से गायब हो गया था। इसमें छह लोग सवार थे। यह विमान
फ्रांस में बना दसॉ का फैल्कन 10 जेट था। यह चार्टर प्लेन भारत से
उज्बेकिस्तान के रास्ते मॉस्को आ रहा था।





