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सोमवार, 5 अक्टूबर 2026 · रात 2:35 · नई दिल्ली संस्करण

Pitru Paksha 2026: पितृ पक्ष में इन 5 जीवों को भूलकर भी न मारें भगाएं, वरना लगेगा श्राप

राष्ट्रीय सागर डेस्क3 मिनट का पठन
Pitru Paksha 2026: पितृ पक्ष में इन 5 जीवों को भूलकर भी न मारें भगाएं, वरना लगेगा श्राप

सनातन धर्म में पितृ पक्ष को बहुत पवित्र माना गया है। 16 दिनों तक हमारे पूर्वज धरती लोक पर आते हैं और अपने परिवार के आसपास रहते हैं। गरुड़ पुराण और भविष्य पुराण में साफ लिखा है कि पितर इस दौरान किसी भी रूप में अपने घर आ सकते हैं। अगर इन 5 जीवों में से कोई भी आपके दरवाजे पर आए, तो उसे भूलकर भी मत भगाइए, क्योंकि हो सकता है आपके पितर ही आपसे मिलने आए हों।

कौए को पितरों का दूत कहा जाता है। श्राद्ध में सबसे पहले कौए को ही भोजन दिया जाता है। मान्यता है कि पितृ पक्ष में कौआ अगर आपके घर की छत या दरवाजे पर आकर कांव-कांव करे और दिया गया भोजन ग्रहण कर ले, तो समझ लें आपके पितर तृप्त हो गए हैं। अगर कौआ भोजन नहीं खाता, तो माना जाता है कि पितरों में अभी भी कोई इच्छा अधूरी है। इसलिए कौए को कभी न भगाएं, बल्कि उसे खीर-पूरी खिलाएं।

कुत्ते को यमराज का दूत और भैरव बाबा का वाहन माना जाता है। पितृ पक्ष में अगर काला कुत्ता आपके दरवाजे पर आ जाए तो उसे रोटी जरूर खिलाएं। कहा जाता है कि कुत्ता पितृ लोक और मृत्युलोक के बीच का रक्षक है। इसकी सेवा करने से पितर प्रसन्न होते हैं और यम का भय दूर होता है। घर के दरवाजे पर आए कुत्ते को लात मारना पितृ दोष को बढ़ाता है।

गाय में 33 कोटि देवी-देवताओं का वास होता है। पितृ पक्ष में अगर गाय आपके दरवाजे पर आकर रंभाए तो यह बहुत शुभ संकेत है। इसका मतलब है कि आपके पितर आपके घर में सुख-समृद्धि का आशीर्वाद देने आए हैं। गाय को रोटी पर गुड़ रखकर खिलाने से पितृ कर्ज से मुक्ति मिलती है और घर में पितृ दोष खत्म होता है। पितृ पक्ष में चींटियों को आटा खिलाने का विधान है। अगर आपके घर के आंगन या दरवाजे पर अचानक काली चींटियों की कतार लग जाए, तो समझ लें पितर आपसे भोजन मांग रहे हैं। आटे में चीनी मिलाकर चींटियों को खिलाने से रुका हुआ धन वापस आता है और पितर प्रसन्न होकर वंश वृद्धि का आशीर्वाद देते हैं।

पितृ पक्ष में सबसे बड़ी मान्यता यह है कि पितर किसी भूखे व्यक्ति, ब्राह्मण या साधु के रूप में आपके दरवाजे पर आ सकते हैं। इसलिए इस दौरान द्वार पर आए किसी भी अतिथि को खाली हाथ न लौटाएं। उसे भोजन, जल और दक्षिणा देकर विदा करें। कहा जाता है कि भूखे को खिलाया गया भोजन सीधे पितरों तक पहुंचता है। पितृ पक्ष में इन जीवों को भगाना, मारना या अपशब्द कहना घोर पाप माना जाता है। सुबह-शाम दक्षिण दिशा में एक दीया जलाएं और पितरों के नाम का जल अर्पित करें। ऐसा करने से आपके पितर आपसे प्रसन्न होंगे और आपके घर में कभी धन, संतान और सुख की कमी नहीं होगी।

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