पटना | बिहार बंद के दौरान कांग्रेस कार्यकर्ताओं ने सड़क पर लेटकर जताया विरोध, यातायात ठप

पटना | बिहार बंद के दौरान कांग्रेस कार्यकर्ताओं ने सड़क पर लेटकर जताया विरोध, यातायात ठप
पटना में आज कांग्रेस कार्यकर्ताओं ने राज्य में आगामी विधानसभा चुनाव 2025 से पहले मतदाता सूची के "स्पेशल इंटेंसिव रिवीजन (SIR)" के विरोध में आयोजित महागठबंधन के बिहार बंद में भाग लेते हुए अनोखे अंदाज में विरोध प्रदर्शन किया। कार्यकर्ताओं ने एक पंक्ति में सड़क पर लेटकर वाहनों की आवाजाही को अवरुद्ध कर दिया, जिससे कई स्थानों पर लंबा जाम लग गया और आमजन को भारी परेशानी का सामना करना पड़ा।
महागठबंधन के घटक दलों का आरोप है कि मतदाता सूची के इस विशेष पुनरीक्षण अभियान के जरिए राज्य सरकार विपक्षी मतदाताओं के नाम सूची से हटाने की साजिश कर रही है। उन्होंने इसे लोकतंत्र पर हमला करार देते हुए कहा कि यह प्रक्रिया पक्षपातपूर्ण और असंवैधानिक है। प्रदर्शनकारियों ने मांग की कि यह विशेष पुनरीक्षण अभियान तत्काल प्रभाव से रोका जाए और इसकी निष्पक्ष जांच करवाई जाए।
पटना सहित कई जिलों में महागठबंधन के समर्थकों ने जुलूस निकाले, सड़कों पर नारेबाजी की और कई स्थानों पर रेल व सड़क यातायात बाधित किया। बंद के दौरान व्यापारिक प्रतिष्ठान भी आंशिक रूप से प्रभावित रहे। पुलिस ने स्थिति को नियंत्रण में रखने के लिए अतिरिक्त बल तैनात किया, हालांकि अब तक किसी बड़े टकराव की सूचना नहीं मिली है।
महागठबंधन के नेताओं का कहना है कि यदि सरकार ने जल्द ही उनकी मांगों पर गौर नहीं किया तो वे राज्यव्यापी आंदोलन को और तेज करेंगे। वहीं, प्रशासन का कहना है कि मतदाता सूची पुनरीक्षण की प्रक्रिया पूरी तरह निर्वाचन आयोग के दिशा-निर्देशों के अनुसार हो रही है, और किसी प्रकार की पक्षपात की संभावना नहीं है।
बिहार की राजनीति में यह बंद आगामी विधानसभा चुनावों से पहले सत्ता और विपक्ष के बीच बढ़ते टकराव का संकेत माना जा रहा है।





