मुख्य सामग्री पर जाएँ
ब्रेकिंग
Rajasthan Panchayat Election 2026: पंचायत चुनाव का ऐलान, 4 चरणों में होगी वोटिंग, जानिए पूरा शेड्यूलमुंबई में CJP का प्रदर्शन पड़ा भारी! जेल भरो आंदोलन पर FIR, आयोजकों में हड़कंपज्ञानेश कुमार पर चले लोकतंत्र की हत्या का मुकदमा! प्रमोद तिवारी का बड़ा हमलाBJP का झंडा उतारने वाले संजयन त्रिपाठी अब साइकिल पर सवार, समाजवादी पार्टी में हुए शामिलCM Yogi का बड़ा तोहफा: 4.60 लाख छात्रों के खाते में आई छात्रवृत्ति, आपके खाते में आई क्या? चेक करेंNoida: सुपरनोवा की 43वीं मंजिल से युवक ने लगाई छलांग, मौके पर दर्दनाक मौत, सोसाइटी में हड़कंपमुंबई प्रदर्शन के बाद CJP का दिल्ली कूच का ऐलान, अभिजीत दिपके ने कही ये बड़ी बातगठबंधन में फूट! रायबरेली से डरते थे राहुल गांधी! सपा नेता का बड़ा खुलासा, अखिलेश ने दी थी धमकी

सोमवार, 5 अक्टूबर 2026 · सुबह 5:28 · नई दिल्ली संस्करण

राष्ट्रपति मुर्मु के अभिभाषण के साथ आज से शुरू होगा संसद का बजट सत्र

राष्ट्रीय सागर डेस्क2 मिनट का पठन
राष्ट्रपति मुर्मु के अभिभाषण के साथ आज से शुरू होगा संसद का बजट सत्र

नई दिल्ली। संसद का बजट सत्र बुधवार को राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मु के दोनों सदनों की संयुक्त बैठक को संबोधित करने के साथ शुरू होगा।

रिपोर्ट्स के मुताबिक, वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण 1 फरवरी को बजट पेश कर सकती हैं। वहीं, 29 जनवरी को संसद में इकोनॉमिक सर्वे पेश किए जाने की उम्मीद है।

इस महीने की शुरुआत में, केंद्रीय संसदीय कार्य मंत्री किरेन रिजिजू ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म 'एक्स' पर घोषणा की।

उन्होंने बताया कि भारत सरकार की सिफारिश पर, राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मु ने बजट सत्र 2026 के लिए संसद के दोनों सदनों को बुलाने की मंजूरी दे दी है। सत्र 28 जनवरी 2026 को शुरू होगा और 2 अप्रैल 2026 तक चलेगा। पहला चरण 13 फरवरी 2026 को खत्म होगा और संसद 9 मार्च 2026 को फिर से शुरू होगी, जो सार्थक बहस और जन-केंद्रित शासन की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम है।

इस घोषणा से साल की सबसे जरूरी संसदीय घटनाओं में से एक का रास्ता साफ हो गया है, जिसके दौरान वित्त वर्ष 2026-27 के लिए केंद्रीय बजट पेश किए जाने की उम्मीद है।

रिजिजू के पोस्ट में सरकार की पारदर्शी और असरदार विधायी प्रक्रियाओं के प्रति प्रतिबद्धता पर जोर दिया गया।

दो-चरण वाला फॉर्मेट बजट और दूसरे जरूरी मामलों पर शुरुआती चर्चा की अनुमति देता है, जिसके बाद छुट्टी के दौरान स्थायी समितियों में विस्तृत जांच होती है, और फिर वित्तीय बिलों पर अंतिम चर्चा और उन्हें पास किया जाता है।

यह सत्र एक अहम समय पर हो रहा है क्योंकि सरकार आर्थिक विकास, वित्तीय मजबूती और इंफ्रास्ट्रक्चर, रोजगार और सस्टेनेबिलिटी जैसे क्षेत्रों में उभरती चुनौतियों से निपटने पर ध्यान दे रही है।

उम्मीद है कि सभी राजनीतिक पार्टियों के सांसद टैक्स, पब्लिक खर्च और पॉलिसी सुधारों पर गहन चर्चा करेंगे। पूरे सेशन में संसद की 30 बैठकें होंगी।

यह ख़बर दूसरों तक पहुँचाएँ

WhatsAppFacebookX

संबंधित ख़बरें