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सोमवार, 5 अक्टूबर 2026 · सुबह 7:54 · नई दिल्ली संस्करण

संसद सुरक्षा चूक केस: यूएपीए के तहत 13 हजार पन्नों की चौथी सप्लीमेंट्री चार्जशीट दाखिल

राष्ट्रीय सागर डेस्क2 मिनट का पठन
संसद सुरक्षा चूक केस: यूएपीए के तहत 13 हजार पन्नों की चौथी सप्लीमेंट्री चार्जशीट दाखिल

नई दिल्ली। दिल्ली पुलिस की स्पेशल सेल ने दिसंबर 2023 के संसद सुरक्षा चूक मामले में यूएपीए (गैरकानूनी गतिविधियां रोकथाम अधिनियम) के तहत 13 हजार पन्नों की चौथी सप्लीमेंट्री चार्जशीट अदालत में दाखिल की है। इस चार्जशीट में आरोपियों पर आतंकी गतिविधियों, दंगा भड़काने की साजिश और देश की सुरक्षा को खतरे में डालने जैसे गंभीर आरोप लगाए गए हैं।

स्पेशल सेल ने अपनी जांच में सामने आए सबूतों, डिजिटल डेटा, चैट्स, कॉल रिकॉर्ड्स, सोशल मीडिया गतिविधियों और अन्य तकनीकी साक्ष्यों के आधार पर यह विस्तृत चार्जशीट तैयार की है। पुलिस का दावा है कि आरोपियों ने संसद की सुरक्षा व्यवस्था में जानबूझकर सेंध लगाने की साजिश रची थी और इस घटना के जरिए देशभर में भय का माहौल बनाने तथा अशांति फैलाने की कोशिश की गई थी।

चार्जशीट में भारतीय न्याय संहिता (बीएनएस) की कई धाराओं के अलावा यूएपीए की गंभीर धाराएं भी शामिल की गई हैं। आरोपियों पर सरकारी कामकाज में बाधा डालने, ड्यूटी पर तैनात सार्वजनिक सेवकों को रोकने, दंगा भड़काने के लिए उकसाने, सबूत मिटाने, आपराधिक साजिश रचने और आतंकवादी गतिविधियों से जुड़े अपराधों के आरोप लगाए गए हैं।

दिल्ली पुलिस के अनुसार, संसद जैसी अत्यंत संवेदनशील जगह पर सुरक्षा में सेंध लगाने की कोशिश सामान्य प्रदर्शन नहीं थी, बल्कि इसके पीछे संगठित साजिश और बड़े स्तर की तैयारी के सबूत मिले हैं। जांच एजेंसियां अब इस मामले से जुड़े अन्य संभावित नेटवर्क, फंडिंग और विदेशी संपर्कों की भी गहन जांच कर रही हैं।

दिसंबर 2023 में संसद के शीतकालीन सत्र के दौरान कुछ युवकों ने विजिटर्स गैलरी से लोकसभा सदन के अंदर कूदकर स्मोक कैनिस्टर छोड़ दिए थे। इस घटना ने पूरे देश में संसद की सुरक्षा व्यवस्था को लेकर गंभीर सवाल खड़े कर दिए थे। घटना के तुरंत बाद दिल्ली पुलिस की स्पेशल सेल ने मामले की जांच शुरू की थी।

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