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सोमवार, 5 अक्टूबर 2026 · रात 3:54 · नई दिल्ली संस्करण

पुंछ में एलओसी के पास जिंदा मोर्टार मिलने से हड़कंप, सेना ने किया नष्ट

राष्ट्रीय सागर डेस्क2 मिनट का पठन
पुंछ में एलओसी के पास जिंदा मोर्टार मिलने से हड़कंप, सेना ने किया नष्ट

जम्मू। सेना ने शुक्रवार को जम्मू-कश्मीर के पुंछ जिले में लाइन ऑफ कंट्रोल (एलओसी) के पास मिले एक जिंदा मोर्टार शेल को सुरक्षित रूप से नष्ट कर दिया।

अधिकारियों ने बताया कि सेना ने पुंछ में एलओसी के मनकोट सेक्टर में मिले एक जिंदा मोर्टार शेल का पता लगाया और उसे सुरक्षित रूप से नष्ट कर दिया।

डबराज इलाके में सेना के बम डिस्पोजल स्क्वाड (बीडीएस) ने एक कंट्रोल्ड डिस्पोजल ऑपरेशन के जरिए इस मोर्टार शेल को निष्क्रिय किया।

अधिकारियों ने बताया कि इस ऑपरेशन में किसी के घायल होने या संपत्ति के नुकसान की कोई खबर नहीं है।

जम्मू-कश्मीर में एलओसी के पास के इलाकों में ग्रामीणों और किसानों को अक्सर बिना फटे जिंदा मोर्टार शेल मिलते हैं। ये शेल खेती के दौरान या भारी बारिश के कारण जमीन से बाहर आ जाते हैं, जो पहले हुई सीमा-पार गोलाबारी का हिस्सा होते हैं।

सेना के बम डिस्पोजल स्क्वाड नियमित रूप से इन खतरनाक पुराने हथियारों को सुरक्षित और नियंत्रित तरीके से नष्ट करते हैं। लोगों को सलाह दी जाती है कि वे बिना फटे शेल को छुएं नहीं, हिलाएं नहीं, लात न मारें और न ही उठाएं। उन्हें सलाह दी जाती है कि वे सुरक्षित दूरी बनाए रखें और दूसरों को भी दूर रहने के लिए सचेत करें। इसकी जानकारी तुरंत नजदीकी आर्मी कैंप या स्थानीय पुलिस स्टेशन को दें ताकि बीडीएस के जवान इसे सुरक्षित रूप से निष्क्रिय कर सकें।

जम्मू-कश्मीर में एलओसी के पास रहने वाले आम लोगों और सुरक्षा बलों, दोनों के लिए लैंडमाइन भी एक गंभीर खतरा हैं।

सेना एलओसी के उस पार से होने वाली अवैध घुसपैठ को रोकने के लिए सीमा पर रणनीतिक सुरक्षा घेरे के तौर पर लैंडमाइन का इस्तेमाल करती है।

पुंछ, राजौरी, बारामूला (उरी) और अखनूर जैसे इलाकों में भारी निगरानी वाले माइनफील्ड (बारूदी सुरंगों वाले क्षेत्र) हैं।

हालांकि, भारी बारिश और मौसमी बाढ़ के कारण लैंडमाइन अक्सर अपनी तय जगहों से हटकर या बहकर पास की ढलानों या खेतों में चले जाते हैं।

गर्मी और पतझड़ के मौसम में जीरो लाइन के पास अक्सर जंगल में आग लग जाती है, जिससे खुले में पड़े या अपनी जगह से हटे हुए माइन सुरक्षित रूप से (सुरक्षा कर्मियों से दूर) फट जाते हैं।

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