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सोमवार, 5 अक्टूबर 2026 · सुबह 4:21 · नई दिल्ली संस्करण

असाध्य रोग से ग्रस्त बुजुर्ग मरीजों को पैलिएटिव केयर योजना के तहत घर पर मिलेगा उपचार

राष्ट्रीय सागर डेस्क2 मिनट का पठन
असाध्य रोग से ग्रस्त बुजुर्ग मरीजों को पैलिएटिव केयर योजना के तहत घर पर मिलेगा उपचार

जयपुर। जिले के गंभीर असाध्य रोग से ग्रसित रोगियों का फॉलोअप व देखभाल घर बैठे होगा। ऐसे रोगियों का चिन्हीकरण कर स्वास्थ्य विभाग गंभीर असाध्य रोग से ग्रस्त रोगियों के लिए गृह आधारित देखभाल की सुविधा शुरू करने जा रहा है। प्रदेश के किसी भी बडे़ अस्पताल से जिले के वे मरीज जो गंभीर असाध्य बीमारी के इलाज के बाद लौटे हैं, ऐसे बुजुर्ग मरीज जो बीमारियों से ग्रसित है और इलाज के लिए अस्पताल नहीं जा सकते, उन सभी का स्वास्थ्य विभाग की ओर से रजिस्ट्रेशन किया जाएगा।

मुख्य चिकित्सा एवं स्वास्थ्य अधिकारी जयपुर द्वितीय डॉ. मनीष मित्तल ने बताया कि पैलिएटिव केयर योजना के तहत उन सभी मरीजों की देखभाल के लिए प्रशिक्षित डॉक्टर तथा नर्सिग ऑफिसर के साथ पैलिएटिव केयर गाड़ी उनके घर पर पहुंचेगी। पैलिएटिव केयर के माध्यम से जीवन को सीमित करने वाली अंतिम चरण की बीमारियों जैसे कैंसर, हृदय रोग, स्ट्रोक, गुर्दे की बीमारी, एड्स, दीर्घकालिक श्वसन रोग से पीड़ित मरीजों की देखभाल की जाएगी। इसमें रोगियों के लक्षणों को नियंत्रित कर मरीज और उसके परिजनों की जीवन गुण्वत्ता में सुधार लाना है। इस हेतु एम्स जोधपुर से दो नर्सिग ऑफिसर व जिले के छह चिकित्सकों को एस. एम. एस. अस्पताल में प्रशिक्षित किया गया है। ताकि ऐसे रोगियों के लिए टीम मरीजों के घर जाकर उनके स्वास्थ्य की निगरानी के साथ देखभाल उपलब्ध करा सकें।

कार्यक्रम के तहत जिन बीमारियों का इलाज संभव नहीं होता, उन बीमारियों को पैलिएटिव केयर मिलेगी। जिला अस्पताल में ऐसे मरीजों की सूची तैयार की जाएगी जो अस्पताल जाकर उपचार कराने में असमर्थ है या जिनका उपचार अब घर पर किया जाना अधिक प्रभावी होगा। मरीजों के अति गंभीर होने पर चिकित्सक से सलाह लेकर दवा में बदलाव करेंगे। इस पायलट प्रोजेक्ट होम बेस्ड पैलिएटिव केयर योजना के तहत कैंसर, लकवा सहित असाध्य रोगों के मरीजों की सूची तैयार की जाएगी।

उप मुख्य चिकित्सा एवं स्वास्थ्य अधिकारी (स्वास्थ्य) डॉ. सुरेन्द्र कुमार गोयल ने बताया कि पायलट प्रोजेक्ट होम बेस्ड पैलिएटिव केयर योजना के तहत कैंसर, हृदय रोग, किडनी, लीवर की गंभीर बीमारियां, न्यूरोलॉजिकल बीमारियां, बुजुर्ग में मल्टीपल क्रॉनिक डिजीज से जुड़े रोगियों को घर पर रख कर उनका उपचार किया जाएगा। असाध्य रोग से पीड़ित बुजुर्ग मरीज के घर पर रहने के दौरान नर्सिंग कर्मी, दर्द, उल्टी, सांस की तकलीफ, बेचैनी आदि से राहत दिलाने के अलावा मरीज और परिवार को मानसिक तनाव, चिंता और अवसार से दूर रखने का भी कार्य करेंगे।

असाध्य रोग से ग्रस्त बुजुर्ग मरीजों को पैलिएटिव केयर योजना के तहत घर पर ही उपचार मिलेगा। स्वास्थ्य विभाग ने इसकी तैयारी शुरू कर दी है । पैलिएटिव केयर वाहिनी का जल्द ही शुभारम्भ किया जाएगा। जिसमें मरीजों की देखभाल लिए प्रशिक्षित डॉंक्टर तथा नर्सिंगकर्मी और पैलिएटिव केयर गाड़ी मरीजों घर पर पहुंचेगी।

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