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सोमवार, 5 अक्टूबर 2026 · सुबह 6:25 · नई दिल्ली संस्करण

ब्रिटेन में पाकिस्तानी ग्रूमिंग गैंग्स का जाल, लंबे समय से चल रहा बाल यौन शोषण

राष्ट्रीय सागर डेस्क3 मिनट का पठन
ब्रिटेन में पाकिस्तानी ग्रूमिंग गैंग्स का जाल, लंबे समय से चल रहा बाल यौन शोषण

लंदन। ब्रिटेन में सक्रिय पाकिस्तानी ग्रूमिंग गैंग्स अपने संगठित नेटवर्क और अल्पसंख्यक समुदायों (खासकर सिख और हिंदू लड़कियों) को निशाना बनाने के लिए कुख्यात रहे हैं। सामाजिक कार्यकर्ताओं ने इस सिलसिलेवार शोषण को “ब्रिटिश इतिहास का शांति काल का सबसे बड़ा अपराध और उसे छिपाने की कोशिश” करार दिया है। एक रिपोर्ट में यह बात सामने आई है।

रिपोर्ट के अनुसार, ये ग्रूमिंग गैंग्स दशकों से संगठित बाल यौन शोषण (चाइल्ड सेक्सुअल एक्सप्लॉयटेशन—सीएसई) से जुड़े रहे हैं।

नई दिल्ली स्थित ‘द संडे गार्डियन’ (टीएसजी) की रिपोर्ट के मुताबिक, ये गिरोह आम तौर पर 11 से 16 वर्ष की कमजोर लड़कियों को निशाना बनाते हैं। पहले उन्हें प्यार, तोहफों और दोस्ती का लालच दिया जाता है, फिर धीरे-धीरे अलग-थलग कर ब्लैकमेल, धमकियों और मुनाफे के लिए तस्करी जैसे अपराधों में धकेला जाता है।

रिपोर्ट में वेस्ट लंदन के हाउंसलो की एक घटना का जिक्र किया गया है, जहां 15 वर्षीय सिख लड़की का अपहरण कर पाकिस्तानी मूल के लोगों द्वारा सामूहिक बलात्कार किया गया। बताया गया कि लड़की को 34 वर्षीय व्यक्ति के स्वामित्व वाले एक फ्लैट में बंधक बनाकर रखा गया और उसके साथ बार-बार दुष्कर्म किया गया। इस हमले में कथित तौर पर छह तक आरोपी शामिल थे, जिन्हें एक ग्रूमिंग गैंग का हिस्सा बताया गया है।

यह मामला तब सामने आया, जब घटना से जुड़े वीडियो सोशल मीडिया पर वायरल हो गए। इसके बाद सिख समुदाय के 200–300 लोग आरोपियों के आवास के बाहर एकत्र हो गए और त्वरित न्याय की मांग को लेकर प्रदर्शन किया। संपत्ति की सुरक्षा में तैनात पुलिस से प्रदर्शनकारियों की झड़प भी हुई। अंततः समुदाय के हस्तक्षेप से लड़की को बचाया गया, जिससे कथित पुलिस निष्क्रियता को लेकर नाराजगी उजागर हुई।

रिपोर्ट में जोर देकर कहा गया है कि यह कोई अकेली घटना नहीं है। इससे पहले भी रॉदरहैम और रोचडेल जैसे ब्रिटेन के कई कस्बों में ऐसे घोटालों ने देश को झकझोर दिया है, जहां हजारों बच्चों के शोषण के मामले सामने आए थे।

2014 की एलेक्सिस जे रिपोर्ट का हवाला देते हुए बताया गया कि 1997 से 2013 के बीच रॉदरहैम में कम से कम 1,400 बच्चों के साथ यौन शोषण हुआ। रिपोर्ट के अनुसार, अधिकांश आरोपियों की पहचान एशियाई और मुख्य रूप से पाकिस्तानी मूल के लोगों के रूप में हुई थी।

रिपोर्ट में कहा गया, “पीड़ितों ने बेहद भयावह अनुभव साझा किए, जिनमें शहरों के बीच तस्करी, हथियारों से धमकियां और हिंसक बलात्कारों को देखने के लिए मजबूर किया जाना शामिल है। कार्यकर्ताओं का आरोप है कि राजनीतिक शिष्टाचार और नस्लवाद के आरोपों के डर ने जांच को प्रभावित किया, जिससे ये गिरोह लंबे समय तक बिना रोक-टोक काम करते रहे।”

पिछले साल ‘द ऑस्ट्रेलिया टुडे’ की एक रिपोर्ट में भी कहा गया था कि ब्रिटेन में बड़े पैमाने पर हुए आव्रजन-विरोधी प्रदर्शनों के पीछे दशकों से सुलगती नाराजगी रही है।

यह नाराजगी राज्य की उन गंभीर विफलताओं से जुड़ी बताई गई, जिनमें ग्रूमिंग गैंग घोटाले भी शामिल हैं, जहां मुख्यतः पाकिस्तानी मूल के लोगों द्वारा कमजोर ब्रिटिश लड़कियों, जिनमें कुछ की उम्र महज 10 साल थी, के साथ संगठित शोषण किया गया।

रिपोर्ट के अनुसार, रॉदरहैम, रोचडेल और टेलफोर्ड जैसे कस्बों में हुई इन कुख्यात घटनाओं ने व्यापक आक्रोश को जन्म दिया। हालांकि, कई प्रदर्शनों में विदेशी-विरोधी बयानबाजी भी देखने को मिली।

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