पाकिस्तानी सेना का बड़ा दांव: ट्रंप के बेटों से जुड़ी अमेरिकी कंपनी 'पावरस' से ड्रोन डील, भारत और चीन पर टिकी नजरें

पाकिस्तान अपनी सैन्य रणनीति में एक महत्वपूर्ण बदलाव ला रहा है। हाल ही में सामने आई रिपोर्टों के अनुसार, पाकिस्तानी सेना ने ड्रोन बनाने वाली अमेरिकी कंपनी पावरस के साथ एक महत्वपूर्ण समझौते पर हस्ताक्षर किए हैं। इस डील की खास बात यह है कि इसका संबंध अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप के बेटों से है। शुरुआती जानकारी के मुताबिक, इस समझौते में फिलहाल केवल ड्रोन खरीद को शामिल किया गया है, लेकिन भविष्य में प्रौद्योगिकी हस्तांतरण और संयुक्त उत्पादन की भी योजना है। ऑपरेशन सिंदूर से मिले सबक के बाद पाकिस्तानी सेना अब ड्रोन युद्ध क्षमताओं को मजबूत करने पर ध्यान केंद्रित कर रही है। वह न केवल ड्रोन का आयात करना चाहती है, बल्कि घरेलू स्तर पर उनके निर्माण को भी प्राथमिकता दे रही है।
विशेषज्ञों का मानना है कि अमेरिकी कंपनी के साथ हुई इस डील में दोनों देशों की सरकारें भी शामिल हैं। अमेरिका के लिए यह समझौता रावलपिंडी में बढ़ती चीनी सैन्य प्रौद्योगिकी के प्रभाव को संतुलित करने में सहायक हो सकता है। वहीं, पाकिस्तान भी भविष्य के लिए किसी एक देश पर अपनी निर्भरता कम करना चाहता है, जिससे तुर्किये और चीन पर उसकी निर्भरता कम होगी। पाकिस्तानी सेना ने जिस ड्रोन निर्माता कंपनी पावरस के साथ यह समझौता किया है, वह जल्द ही ऑरियस ग्रीनवे होल्डिंग्स के साथ सार्वजनिक रूप से विलय करने वाली है। ऑरियस ग्रीनवे को डोनाल्ड ट्रंप के बेटों डोनाल्ड ट्रंप जूनियर और एरिक ट्रंप का समर्थन हासिल है, जिन्होंने इस कंपनी में निवेश किया है।
इस विलय के पूरा होने के बाद, अक्तूबर में ट्रंप के बेटों की हिस्सेदारी पावरस में भी होगी, जिससे इस समझौते को एक खास राजनीतिक आयाम मिलता है। पाकिस्तानी सेना की तरफ से हालांकि ड्रोन कंपनी के साथ हुए एमओयू के बारे में कोई सीधा बयान नहीं दिया गया है। लेकिन, बुधवार को जारी एक बयान में बताया गया कि पावरस कंपनी के एक प्रतिनिधिमंडल ने फील्ड मार्शल आसिम मुनीर से मुलाकात की है। इस बैठक में रक्षा उत्पादन और लंबी अवधि की साझेदारी बनाने पर जोर दिया गया। हालांकि, पाकिस्तानी सेना ने अपने सार्वजनिक बयान में सीधे तौर पर किसी एमओयू पर हस्ताक्षर होने की पुष्टि नहीं की है।
दूसरी ओर, इस समझौते को पाकिस्तान और अमेरिका के बीच बिगड़ते रिश्तों में एक सुधार के तौर पर भी देखा जा रहा है। इसमें अमेरिका के राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप भी एक महत्वपूर्ण भूमिका निभाते नजर आ रहे हैं, क्योंकि वे सार्वजनिक रूप से पाकिस्तानी सेना के प्रमुख आसिम मुनीर की तारीफ कर चुके हैं। वहीं, इस्लामाबाद की तरफ से भी लगातार अमेरिका के साथ आर्थिक और रक्षा संबंध मजबूत करने की वकालत की गई है। भारत के साथ अपने तीखे होते संबंधों के बीच अमेरिका पाकिस्तान में नए विकल्प तलाश रहा है।





