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सोमवार, 5 अक्टूबर 2026 · रात 3:44 · नई दिल्ली संस्करण

पोलियो के खिलाफ जंग में पिछड़ रहा पाकिस्तान, अवाम को सरकारी अभियान पर भरोसा नहीं

राष्ट्रीय सागर डेस्क3 मिनट का पठन
पोलियो के खिलाफ जंग में पिछड़ रहा पाकिस्तान, अवाम को सरकारी अभियान पर भरोसा नहीं

इस्लामाबाद। पोलियो के खिलाफ जंग में पाकिस्तान लगातार पिछड़ रहा है। एक मीडिया रिपोर्ट में दावा किया गया है कि इसकी अहम वजह भरोसे की कमी है। अवाम को एंटी-पोलियो ड्राइव पर यकीन नहीं है। इतना ही नहीं, जो कर्मी इस ड्राइव में शामिल होते हैं, उनकी भी सुरक्षा व्यवस्था ऊपर वाले के भरोसे ही रहती है। कई तो इस दौरान अपनी जान भी गंवा चुके हैं।

रिपोर्ट में सरकारी अफसरों के हवाले से दावा किया गया है कि अभियान में शामिल लोग उग्रवादियों के निशाने पर रहते हैं। अक्सर हमलों के बाद इसे इंटेलिजेंस फ्रंट या विदेशी साजिश बता दिया जाता है। गरीब और शैक्षिक तौर पर पिछड़े लोगों को टीके पर भरोसा भी नहीं है।

अभिभावक बच्चों के टीकाकरण में बाधक बनते हैं जिससे अभियान उस मुकाम तक नहीं पहुंच पा रहा, जहां इसको होना चाहिए।

हर हमले से चुनौती और बढ़ जाती है, और वैक्सीन लगाने वालों के पीछे हटने से पूरा इलाका असुरक्षित रह जाता है।

ये दिक्कतें आंकड़ों में दिख रही हैं, क्योंकि पाकिस्तान उन दो देशों में से एक है जहां पोलियो पर काबू नहीं पाया जा सका है। रिपोर्ट में कहा गया है कि हाल के वर्षों में, मामलों में गिरावट आई है लेकिन वो अपर्याप्त है।

इसमें समय-समय पर बढ़ोतरी छूटे हुए बच्चों की वजह से होती है, और ये छोटे गैप ही वायरस को उभरने देते हैं।

रिपोर्ट में आगे कहा गया है कि फ्रंट-लाइन वर्कर्स की सुरक्षा पर कोई समझौता नहीं किया जा सकता, लेकिन सरकार को सिर्फ इनकी सुरक्षा-व्यवस्था सुनिश्चित कराने तक ही सीमित नहीं रखा जा सकता। भरोसे को बनाना ही इसका समाधान हो सकता है। इसके लिए स्थानीय समुदायों से संपर्क बढ़ाना होगा। जद में धर्म गुरु, मस्जिद के कर्ता-धर्ता और मौलवी भी आते हैं क्योंकि ये वो लोग हैं जिनका एक तबके पर खास असर पड़ता है।

पिछले एक साल में कई ऐसी वारदातें हुई हैं जो पोलियो टीमों पर ज्यादती को दर्शाती हैं।

13 अप्रैल को, खैबर पख्तूनख्वा के हंगू जिले में पोलियो टीमों की सुरक्षा में लगी एक पुलिस टीम को निशाना बनाया गया। इस हमले में एक पुलिस कांस्टेबल की मौत हो गई और चार अन्य कर्मी घायल हो गए।

यह घटना 13-19 अप्रैल को होने वाले वैक्सीनेशन कैंपेन के पहले दिन हंगू की थल तहसील में हुई। पाकिस्तान के जाने-माने अखबार डॉन ने पुलिस के हवाले से बताया ने कि अज्ञात हमलावरों ने पुलिस पार्टी पर गोलियां चलाईं, जिसमें एक पुलिसकर्मी की मौत हो गई और चार अन्य घायल हो गए।

फरवरी में, पाकिस्तान के बलूचिस्तान के चमन जिले में पुलिस वैक्सीनेशन टीम पर अज्ञात हमलावरों ने गोलियां चलाईं, जिसमें एक पुलिसकर्मी की मौत हो गई थी।

फरवरी में कई और वारदातें हुईं। पाकिस्तान के लाहौर के अलग-अलग इलाकों में पोलियो टीमों पर हमला किया गया था। ये उन अभिभावकों ने किया जो अपने बच्चों को पोलियो ड्रॉप्स नहीं पिलाने देना चाहते थे।

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