"आतंकवाद की जड़ है पाकिस्तान, और पाकिस्तान कांग्रेस की ऐतिहासिक भूल है": संसद में अमित शाह का करारा हमला, कांग्रेस पर वोटबैंक की राजनीति से आतंकवाद को बढ़ावा देने का आरोप

"आतंकवाद की जड़ है पाकिस्तान, और पाकिस्तान कांग्रेस की ऐतिहासिक भूल है": संसद में अमित शाह का करारा हमला, कांग्रेस पर वोटबैंक की राजनीति से आतंकवाद को बढ़ावा देने का आरोप
नई दिल्ली, संसद भवन – केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह ने आज संसद में विपक्ष, विशेष रूप से कांग्रेस पार्टी, पर तीखा हमला बोलते हुए इतिहास से लेकर आतंकी नीति तक गंभीर सवाल उठाए। अपने भाषण में उन्होंने कहा, “आतंकवाद की जड़ पाकिस्तान है, और पाकिस्तान कांग्रेस की ऐतिहासिक भूल का परिणाम है। अगर कांग्रेस ने 1947 में विभाजन को स्वीकार न किया होता, तो आज पाकिस्तान नाम का देश ही नहीं होता।”
शाह ने अपने संबोधन में बताया कि किस तरह एनडीए की अटल बिहारी वाजपेयी सरकार ने देश में आतंकवाद के खिलाफ कड़ा कदम उठाते हुए 'पोटा' (Prevention of Terrorism Act) कानून बनाया था। लेकिन उस समय भी कांग्रेस ने उसका विरोध किया। उन्होंने कहा, “राज्यसभा में बहुमत न होने के कारण पोटा कानून पारित नहीं हो पाया, जबकि यह कानून पूरी तरह आतंकियों के खिलाफ था। कांग्रेस ने इसका विरोध क्यों किया? आखिर कांग्रेस किन आतंकियों को बचाना चाहती थी?”
उन्होंने कांग्रेस पर वोटबैंक की राजनीति करने का आरोप लगाते हुए कहा कि आतंकवाद के खिलाफ लड़ाई में कांग्रेस ने हमेशा 'कट्टरपंथियों के हितों' को प्राथमिकता दी। अमित शाह ने कहा, “2004 में जब अटल सरकार सत्ता से बाहर हुई और मनमोहन सिंह-सोनिया गांधी के नेतृत्व वाली सरकार आई, तो उनका पहला कदम था पोटा को खत्म करना। यह किसके फायदे के लिए किया गया? क्या यह देशहित में था या आतंकियों के हित में?”
गृह मंत्री ने राहुल गांधी को खुली चुनौती देते हुए कहा, “मैं राहुल गांधी को इस सदन में चुनौती देता हूं कि वह बताएं, कांग्रेस ने आतंकवाद के खिलाफ अब तक क्या ठोस कदम उठाए हैं? वे सिर्फ भाषण देते हैं, लेकिन देश की सुरक्षा के लिए कोई नीति या संकल्प नहीं दिखाते।”
अमित शाह का यह भाषण कांग्रेस की ऐतिहासिक नीतियों पर सीधे सवाल खड़ा करता है और यह संदेश देता है कि आतंकवाद के खिलाफ राष्ट्रीय सुरक्षा नीति को वोटबैंक और तुष्टीकरण की राजनीति से मुक्त रखना आवश्यक है। कांग्रेस पर लग रहे इन आरोपों से साफ है कि भाजपा इस मुद्दे को राष्ट्रीय सुरक्षा की दृष्टि से आम जनता तक ले जाने की रणनीति पर काम कर रही है।





