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सोमवार, 5 अक्टूबर 2026 · सुबह 5:40 · नई दिल्ली संस्करण

यमन में एक लाख से ज्यादा लोग हुए बेघर, राहत के लिए यूएन ने दिए 90 लाख डॉलर

राष्ट्रीय सागर डेस्क3 मिनट का पठन
यमन में एक लाख से ज्यादा लोग हुए बेघर, राहत के लिए यूएन ने दिए 90 लाख डॉलर

संयुक्त राष्ट्र। संयुक्त राष्ट्र के आपातकालीन राहत समन्वयक टॉम फ्लेचर ने यमन में विस्थापित परिवारों और उन्हें शरण देने वाले समुदायों की मदद के लिए 90 लाख अमेरिकी डॉलर की तत्काल सहायता राशि जारी की है। यह जानकारी संयुक्त राष्ट्र के मानवीय मामलों के समन्वय कार्यालय (ओसीएचए) ने दी।

संस्था ने बताया कि सुरक्षा संबंधी चिंताओं की वजह से राहतकर्मियों की आवाजाही और लोगों तक पहुंचना अभी भी बहुत मुश्किल बना हुआ है। कई महत्वपूर्ण रास्तों पर आवाजाही सीमित कर दी गई है या पूरी तरह रोक दी गई है, जिससे जरूरतमंद लोगों तक सहायता पहुंचाना और कठिन हो गया है।

ओसीएचए ने कहा कि संयुक्त राष्ट्र और उसके सहयोगी संगठन संघर्ष से प्रभावित परिवारों और अन्य लोगों की मदद करना जारी रखे हुए हैं। हालांकि, राहत सामग्री और मानवीय सहायता के लिए उपलब्ध संसाधन तेजी से कम हो रहे हैं।

स‍िन्हुआ समाचार एजेंसी की रिपोर्ट के अनुसार, ओसीएचए ने संघर्ष में शामिल सभी पक्षों से अपील की है कि वे आम नागरिकों की सुरक्षा सुनिश्चित करें, अंतरराष्ट्रीय मानवीय कानूनों का सम्मान करें और राहत एजेंसियों को सुरक्षित तथा बिना रुकावट काम करने दें, ताकि जरूरतमंद लोगों तक मदद पहुंच सके।

इस बीच, संयुक्त राष्ट्र शरणार्थी एजेंसी (यूएनएचसीआर) ने कहा कि यमन के पश्चिमी तटीय इलाकों में बढ़ते संघर्ष के कारण एक लाख से अधिक लोग अपने घर छोड़ने को मजबूर हो गए हैं। वहीं, हजारों लोग सुरक्षा की तलाश में बाब-अल-मंदेब स्‍ट्रेट पार करके जिबूती पहुंच गए हैं।

यूएनएचसीआर के अनुसार, मानवीय सहायता पहुंचाने में कई बड़ी चुनौतियां हैं।

असुरक्षा, क्षतिग्रस्त सड़कें, दूरसंचार सेवाओं में बाधा और यात्रा संबंधी प्रतिबंध राहत कार्यों को प्रभावित कर रहे हैं। इसके अलावा, अल-मखा बंदरगाह को हुए नुकसान ने राहत सामग्री की ढुलाई और अन्य जरूरी कामों को और कठिन बना दिया है।

एजेंसी ने कहा कि कई प्रांतों में जारी लड़ाई की वजह से बड़ी संख्या में परिवारों को अपना घर छोड़ना पड़ा है।

इससे चिंता बढ़ गई है कि यदि संघर्ष और तेज होता है, तो यमन के अंदर और अधिक लोग विस्थापित हो सकते हैं और शरणार्थियों की संख्या भी बढ़ सकती है। कई परिवारों को बहुत कम समय में अपना घर छोड़ना पड़ा और वे अपने साथ केवल जरूरी सामान ही ले जा सके।

यूएनएचसीआर ने कहा, "रहने की जगह, भोजन, साफ पानी, स्वास्थ्य सेवाएं और सुरक्षा संबंधी सहायता इस समय सबसे जरूरी जरूरतों में शामिल हैं। जिन समुदायों और शिविरों में विस्थापित लोगों को रखा जा रहा है, उन पर पहले से ही काफी दबाव है।"

एजेंसी ने बताया कि पिछले चार दिनों में 2,400 से अधिक लोगों ने समुद्र के रास्ते यमन से जिबूती की यात्रा की है।

इनमें 60 प्रतिशत से अधिक महिलाएं, बच्चे और बुजुर्ग थे।

यूएनएचसीआर ने बताया कि वह सोमालिया की ओर संभावित आवाजाही पर नजर रखे हुए है और जरूरत पड़ने पर वहां अतिरिक्त लोगों के पहुंचने की स्थिति के लिए तैयारी की जा रही है।

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