मुख्य सामग्री पर जाएँ
ब्रेकिंग
Rajasthan Panchayat Election 2026: पंचायत चुनाव का ऐलान, 4 चरणों में होगी वोटिंग, जानिए पूरा शेड्यूलमुंबई में CJP का प्रदर्शन पड़ा भारी! जेल भरो आंदोलन पर FIR, आयोजकों में हड़कंपज्ञानेश कुमार पर चले लोकतंत्र की हत्या का मुकदमा! प्रमोद तिवारी का बड़ा हमलाBJP का झंडा उतारने वाले संजयन त्रिपाठी अब साइकिल पर सवार, समाजवादी पार्टी में हुए शामिलCM Yogi का बड़ा तोहफा: 4.60 लाख छात्रों के खाते में आई छात्रवृत्ति, आपके खाते में आई क्या? चेक करेंNoida: सुपरनोवा की 43वीं मंजिल से युवक ने लगाई छलांग, मौके पर दर्दनाक मौत, सोसाइटी में हड़कंपमुंबई प्रदर्शन के बाद CJP का दिल्ली कूच का ऐलान, अभिजीत दिपके ने कही ये बड़ी बातगठबंधन में फूट! रायबरेली से डरते थे राहुल गांधी! सपा नेता का बड़ा खुलासा, अखिलेश ने दी थी धमकी

सोमवार, 5 अक्टूबर 2026 · सुबह 7:08 · नई दिल्ली संस्करण

इस वर्ष अप्रैल तक 1.3 लाख से अधिक विदेशी पर्यटक चिकित्सा उद्देश्यों के लिए आए भारत : केंद्र

राष्ट्रीय सागर डेस्क2 मिनट का पठन
इस वर्ष अप्रैल तक 1.3 लाख से अधिक विदेशी पर्यटक चिकित्सा उद्देश्यों के लिए आए भारत : केंद्र

नई दिल्ली। केंद्र ने गुरुवार को संसद को बताया कि इस वर्ष अप्रैल तक 1.3 लाख से ज्यादा विदेशी पर्यटक चिकित्सा उद्देश्यों के लिए भारत आए।

एक लिखित उत्तर में केंद्रीय पर्यटन एवं संस्कृति मंत्री गजेंद्र सिंह शेखावत ने ग्लोबल वेलनेस टूरिज्म मार्केट में भारत की स्थिति सुधारने के लिए उठाए गए कदमों पर प्रकाश डाला।

केंद्रीय मंत्री शेखावत ने कहा, "अप्रैल 2025 तक इस अवधि के दौरान भारत में चिकित्सा उद्देश्यों के लिए आने वाले विदेशी पर्यटकों (एफटीए) की कुल संख्या 1,31,856 है।"

उन्होंने आगे कहा, "यह इस अवधि के दौरान कुल एफटीए का लगभग 4.1 प्रतिशत है।"

उन्होंने बताया कि पिछले पांच वर्षों में चिकित्सा उद्देश्यों के लिए आने वाले एफटीए की संख्या में वृद्धि हुई है, जिनमें से अधिकांश बांग्लादेश, इराक, सोमालिया, ओमान और उज्बेकिस्तान से आते हैं।

केंद्रीय मंत्री शेखावत ने कहा, "चिकित्सा उद्देश्यों के लिए एफटीए की संख्या 2020 में 1.8 लाख से बढ़कर 2024 में 6.4 लाख हो गई।"

हालांकि, 2023 की तुलना में 2024 में इसमें गिरावट आई। 2023 में विदेशी पर्यटकों की संख्या 6.5 लाख रही।

केंद्रीय मंत्री शेखावत ने कहा, "चिकित्सा पर्यटन के इकोसिस्टम में कई सेवा प्रदाता, सुविधा प्रदाता, अस्पताल, होटल और एयरलाइंस जैसी कमर्शियस एजेंसियां, नियामक एजेंसियां और सरकार शामिल हैं।"

इस वर्ष की शुरुआत में, केंद्रीय बजट में देश में चिकित्सा पर्यटन को बढ़ावा देने के लिए निजी क्षेत्र के साथ साझेदारी में 'हील इन इंडिया' अभियान की घोषणा की गई थी।

केंद्रीय मंत्री शेखावत ने कहा, "स्वास्थ्य एवं परिवार कल्याण मंत्रालय 'हील इन इंडिया' को बढ़ावा देने के लिए सार्वजनिक-निजी भागीदारी (पीपीपी) के माध्यम से क्षमता निर्माण के लिए उचित उपाय करता है, जिसमें अस्पताल, सार्वजनिक संघ और व्यापार निकाय आदि शामिल हैं।"

इसके अलावा, चिकित्सा उपचार के लिए विदेशी नागरिकों के भारत आने की सुविधा के लिए, सरकार ने 171 देशों के नागरिकों के लिए ई-मेडिकल वीजा/ई-मेडिकल अटेंडेंट वीज़ा सुविधा का विस्तार किया है।

भारत में चिकित्सा पर्यटन का अनुमानित आकार लगभग 9 अरब डॉलर है। वैश्विक चिकित्सा पर्यटन सूचकांक में भारत 10वें स्थान पर है।

पिछले एक साल में, देश में चिकित्सा पर्यटन में खासकर आयुष प्रणाली (आयुर्वेद, योग और प्राकृतिक चिकित्सा, यूनानी, सिद्ध और होम्योपैथी) के उदय के कारण तेजी से वृद्धि हुई है।

2023 में, सरकार ने देश में स्वास्थ्य और कल्याण उपचार चाहने वाले अंतरराष्ट्रीय पर्यटकों के प्रवेश को सुगम बनाने के लिए चिकित्सा वीजा प्रावधान लागू किए।

मंत्रालय के अनुसार, इससे चिकित्सा पर्यटन में महत्वपूर्ण वृद्धि हुई है, जिसके परिणामस्वरूप जुलाई 2023 से दिसंबर 2024 के बीच भारत में इलाज कराने आए विदेशियों को लगभग 123 नियमित आयुष वीजा और 221 ई-आयुष वीजा जारी किए गए।

यह ख़बर दूसरों तक पहुँचाएँ

WhatsAppFacebookX

संबंधित ख़बरें