जबलपुरः पट्टे की भूमि बिना अनुमति के विक्रय करने पर शासकीय भूमि में दर्ज करने का आदेश
जबलपुर । कलेक्टर एवं जिला दण्डाधिकारी दीपक सक्सेना ने बुधवार को
अपर कलेक्टर एवं अनुभागीय राजस्व न्यायालय के प्रतिवेदन के आधार पर तहसील
जबलपुर अंतर्गत ग्राम नयागांव पटवारी हल्का चौरई के ख.नं. 213 रकबा 2.00
हेक्टेयर भूमि से संबंधित प्रकरण की सुनवाई की। प्रकरण माया सिंह पत्नी
पुष्पेन्द्र सिंह, निवासी शक्ति नगर, शिवाजी चौक, 90 क्वार्टर के पास, जिला
जबलपुर द्वारा ग्राम नयागांव रा.नि.मं. बरगी स्थित भूमि ख.नं. 213 रकबा
2.000 हेक्टेयर, भूमि से संबंधित है।
आवेदिका नें
अहस्तांतरणीय की प्रविष्टि त्रुटिपूर्ण बताते हुए खसरे से विलोपित किए जाने
का आवेदन प्रस्तुत किया गया था। अनुविभागीय अधिकारी द्वारा उक्त भूमि में
शासन का हित निहित होने के कारण न्यायालय कलेक्टर जबलपुर में प्रस्तुत किया
गया। उक्त विषय पर मध्यप्रदेश भू-राजस्व संहिता 1959 यथासंशोधित 2018 के
प्रावधान निम्नानुसार मध्यप्रदेश भू-राजस्व संहिता 1959 यथासंशोधित 2018 की
धारा 165(7-ख) में स्पष्ट प्रावधान है कि शासन से पट्टे पर दी गई भूमि,
भले ही धारा 158(3) के तहत पट्टेदार को भूमिस्वामी हक ही क्यों ना प्राप्त
हो, ऐसी भूमि का अंतरण कलेक्टर की अनुमति के बिना नहीं किया जा सकता है।
इस
प्रकरण में परीक्षण में आवेदित भूमि का मूल ख.नं. 126/1, 126/2 रकबा
क्रमशः 202.585, 0.162 हेक्टे. होकर वर्ष 1979-80 से 1980-81 में भूमि
सरकार मद पहाड़ चट्टान दर्ज थी। इस प्रकार भूमि शासकीय दर्ज थी, जिसका मद
पहाड़-चट्टान था। जिसमें प्रभाबाई पति छोटेलाल साहू द्वारा कब्जा किया जाना
उल्लेखित था। वर्ष 1988-89 से 1989-90 में भूमि स्वामी हक में दर्ज हुई
किन्तु बेजा कब्जेदार से भूमि स्वामी हक में किस प्रकार दर्ज हुई इस संबंध
में कोई जानकारी संलग्न प्रस्तुत नही की गई है। इस प्रकार जब वैध रूप से
शासन से भूमि प्राप्त होना ही प्रमाणित नहीं है तो भूमिस्वामी हक प्राप्त
होने का प्रश्न ही उत्पन्न नहीं होने पर एवं भूमि विक्रय किये जाने के
पूर्व कलेक्टर की अनुमति नहीं होने पर प्रभाबाई पति छोटेलाल, आरती जोजे
तेजप्रकाश, विकास कुमार वल्द नरेन्द्र कुमार गुप्ता का स्वत्व ही अवैधानिक
पाया गया और शासकीय मद में दर्ज करने का आदेश दिया गया।
इसके
अतिरिक्त अनुविभागीय अधिकारी (राजस्व) जबलपुर को उक्त पुराना खसरा नंबर
126/1 एवं 126/2 शासकीय मद पहाड़ चट्टान की भूमि के वर्तमान नवीन नंबर के
संबंध में जाँच कराई जाकर प्रतिवेदन सहित प्रकरण तैयार कर वैधानिक
कार्यवाही किए जाने हेतु निर्देशित किया गया है।





