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सोमवार, 5 अक्टूबर 2026 · सुबह 8:36 · नई दिल्ली संस्करण

ऑपरेशन सिंदूर अब भी जारी: युद्ध में कोई उपविजेता नहीं होता : CDS अनिल चौहान

राष्ट्रीय सागर डेस्क2 मिनट का पठन
ऑपरेशन सिंदूर अब भी जारी: युद्ध में कोई उपविजेता नहीं होता : CDS अनिल चौहान

ऑपरेशन सिंदूर अब भी जारी: युद्ध में कोई उपविजेता नहीं होता : CDS अनिल चौहान

नई दिल्ली, 26 जुलाई 2025 — चीफ ऑफ डिफेंस स्टाफ (CDS) जनरल अनिल चौहान ने शुक्रवार को एक रक्षा संगोष्ठी को संबोधित करते हुए कहा कि भारत की सैन्य तैयारी हर समय उच्चतम स्तर पर होनी चाहिए, क्योंकि युद्ध में कोई उपविजेता नहीं होता। उन्होंने स्पष्ट किया कि हाल में संचालित ‘ऑपरेशन सिंदूर’ अभी भी जारी है और यह इस बात का जीवंत प्रमाण है कि हमारी सेनाओं को चौबीसों घंटे, साल के हर दिन सतर्क और तैयार रहना चाहिए।

जनरल चौहान ने कहा कि आज के दौर का युद्ध पारंपरिक सीमाओं से बाहर निकल चुका है। अब यह केवल हथियारों और सैनिकों की लड़ाई नहीं रह गई, बल्कि साइबर, सूचना, और इलेक्ट्रॉनिक क्षेत्रों में भी समान रूप से लड़ा जा रहा है। इसे उन्होंने "तीसरे सैन्य परिवर्तन की क्रांति" की संज्ञा दी, जिसमें युद्ध के kinetic (गतिशील) और non-kinetic (अगति) पहलू एक साथ सक्रिय रहते हैं। उन्होंने बल दिया कि हमारी तैयारियाँ केवल सीमाओं तक सीमित नहीं होनी चाहिए, बल्कि समग्र रणनीतिक सोच और तकनीकी आत्मनिर्भरता पर आधारित होनी चाहिए।

उन्होंने यह भी बताया कि ऑपरेशन सिंदूर के दौरान भारतीय सेना ने दुश्मन के ड्रोन और घातक हथियारों को सफलतापूर्वक निष्क्रिय किया, जबकि हमारी ओर से कोई क्षति नहीं हुई। यह भारत की तकनीकी क्षमताओं और सामरिक परिपक्वता का प्रमाण है। उन्होंने स्वदेशी रक्षा तकनीक के विकास पर विशेष जोर देते हुए इसे आत्मनिर्भर भारत की रक्षा रणनीति का मूल स्तंभ बताया।

CDS चौहान का यह बयान ऐसे समय में आया है जब भारत सीमाओं पर सतत चुनौतीपूर्ण परिस्थितियों का सामना कर रहा है और वैश्विक स्तर पर बदलती भू-राजनीतिक स्थिति के मद्देनजर सैन्य सजगता की आवश्यकता और भी अधिक बढ़ गई है। उन्होंने अपने संबोधन के अंत में यह दोहराया कि “शांति बनाए रखने के लिए युद्ध की तैयारी ज़रूरी है” और इसके लिए हमारी सेना को हर समय मानसिक, भौतिक और तकनीकी रूप से पूर्ण रूप से सुसज्जित रहना होगा।

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