मुख्य सामग्री पर जाएँ
ब्रेकिंग
Rajasthan Panchayat Election 2026: पंचायत चुनाव का ऐलान, 4 चरणों में होगी वोटिंग, जानिए पूरा शेड्यूलमुंबई में CJP का प्रदर्शन पड़ा भारी! जेल भरो आंदोलन पर FIR, आयोजकों में हड़कंपज्ञानेश कुमार पर चले लोकतंत्र की हत्या का मुकदमा! प्रमोद तिवारी का बड़ा हमलाBJP का झंडा उतारने वाले संजयन त्रिपाठी अब साइकिल पर सवार, समाजवादी पार्टी में हुए शामिलCM Yogi का बड़ा तोहफा: 4.60 लाख छात्रों के खाते में आई छात्रवृत्ति, आपके खाते में आई क्या? चेक करेंNoida: सुपरनोवा की 43वीं मंजिल से युवक ने लगाई छलांग, मौके पर दर्दनाक मौत, सोसाइटी में हड़कंपमुंबई प्रदर्शन के बाद CJP का दिल्ली कूच का ऐलान, अभिजीत दिपके ने कही ये बड़ी बातगठबंधन में फूट! रायबरेली से डरते थे राहुल गांधी! सपा नेता का बड़ा खुलासा, अखिलेश ने दी थी धमकी

सोमवार, 5 अक्टूबर 2026 · सुबह 8:42 · नई दिल्ली संस्करण

ज्येष्ठ अधिकमास षष्ठी पर महाकाल के दरबार में जनसैलाब, भस्म आरती में पहुंचे हजारों श्रद्धालु

राष्ट्रीय सागर डेस्क2 मिनट का पठन
ज्येष्ठ अधिकमास षष्ठी पर महाकाल के दरबार में जनसैलाब, भस्म आरती में पहुंचे हजारों श्रद्धालु

उज्जैन। ज्येष्ठ अधिकमास शुक्ल पक्ष की षष्ठी तिथि पर उज्जैन स्थित बाबा महाकाल के दरबार में अलग उत्साह देखने को मिला। शुक्रवार भोर में होने वाली विश्व प्रसिद्ध भस्म आरती के दौरान बाबा महाकाल के दर्शन के लिए हजारों श्रद्धालुओं की भारी भीड़ उमड़ी।

अपने आराध्य देव के दर्शन पाने के लिए देश-विदेश से आए श्रद्धालु देर रात से ही लंबी-लंबी कतारों में खड़े नजर आए।

रोजाना की परंपरा के अनुसार, सुबह भोर में भगवान वीरभद्र की आज्ञा लेने के बाद ढोल-नगाड़ों के साथ बाबा महाकाल के कपाट खोले गए। कपाट खुलते ही पूरे परिसर में 'जय श्री महाकाल' के जयकारे गूंज उठे।

मंदिर परिसर घंटियों, शंखध्वनि और मंत्रोच्चार से गुंजायमान हो उठा। कपाट खुलने के बाद सबसे पहले भगवान को जल अर्पित किया गया। इसके बाद दूध, दही, घी, शहद और शक्कर से बने पंचामृत से बाबा महाकाल का दिव्य अभिषेक किया गया। इस दौरान पूरा मंदिर परिसर 'जय श्री महाकाल' के जयकारों और शंखनाद से गूंज उठा।

अभिषेक के बाद बाबा महाकाल का बेहद मनमोहक और अलौकिक शृंगार किया गया। विशेष शृंगार में बाबा को चांदी के नाग, मुंडमाला और ताजे बेलपत्रों से सजाया गया। इसके बाद महानिर्वाणी अखाड़े की ओर से बाबा महाकाल को भस्म अर्पित की गई। इस दौरान महाकाल भक्तों को निराकार से साकार रूप में दर्शन देते हैं। भस्म आरती के इस अद्भुत और अलौकिक स्वरूप के दर्शन कर श्रद्धालु भाव-विभोर हो गए।

बाबा महाकाल के 'निराकार से साकार' रूप का अर्थ शिव के उस आध्यात्मिक और दार्शनिक रूपांतरण से है, जिसमें अनंत, रूपहीन और सर्वव्यापी परमात्मा (निराकार) भक्तों के कल्याण के लिए एक निश्चित और पूजनीय स्वरूप (साकार) में प्रकट होते हैं।

अधिकमास के इस पावन योग में बाबा महाकाल के दर्शन का विशेष महत्व माना जाता है। यही वजह है कि देश-विदेश से बड़ी संख्या में भक्त इस आरती को देखने के लिए आते हैं। मंदिर में दर्शन के लिए आम लोगों से लेकर कई बड़ी हस्तियां भी पहुंचती रहती हैं। अभिनेता सुनील शेट्टी अपने बेटे अहान शेट्टी की फिल्म बॉर्डर 2 रिलीज से पहले और बाद में आए थे। वहीं, गुरुवार को भोजपुरी अभिनेत्री मोनालिसा और उनके पति-अभिनेता विक्रांत सिंह राजपूत बाबा का दर्शन करने के लिए आए थे।

यह ख़बर दूसरों तक पहुँचाएँ

WhatsAppFacebookX

संबंधित ख़बरें