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सोमवार, 5 अक्टूबर 2026 · रात 2:41 · नई दिल्ली संस्करण

गिरफ्तार जिला कल्याण पदाधिकारी और नाजिर को विजिलेंस कोर्ट में किया गए प्रस्तुत

राष्ट्रीय सागर डेस्क1 मिनट का पठन
गिरफ्तार जिला कल्याण पदाधिकारी और नाजिर को विजिलेंस कोर्ट में किया गए प्रस्तुत

भागलपुर। बेगूसराय जिले में निगरानी विभाग द्वारा भ्रष्टाचार मामले में गिरफ्तार किए गए जिला कल्याण पदाधिकारी और नाजिर को शनिवार को भागलपुर के विजिलेंस कोर्ट में पेश किया गया। उल्लेखनीय है कि बेगूसराय में जिला कल्याण पदाधिकारी मनोज कुमार अग्रवाल और उनके नजीर जिवेन्द्र कुमार सिंह को रिश्वत लेते हुए रंगेहाथ गिरफ्तार किया था। यह गिरफ्तारी समाहरणालय स्थित जिला कल्याण कार्यालय से की गई, जिससे प्रशासनिक हलकों में हड़कंप मच गया।बताया जा रहा है कि जिला कल्याण पदाधिकारी पर बिल पास करने के एवज में 10 प्रतिशत रिश्वत मांगने का आरोप था। इस मामले में बछवाड़ा निवासी मुकेश राम ने निगरानी विभाग में शिकायत दर्ज कराई थी। शिकायत में बताया गया था कि 18 हजार रुपये के ऑफिस सप्लाई बिल को पास करने के लिए लगातार 1800 रुपये की रिश्वत मांगी जा रही थी। शिकायत की पुष्टि के बाद निगरानी विभाग की टीम ने जाल बिछाया। पूर्व नियोजित कार्रवाई के तहत जैसे ही जिला कल्याण कार्यालय में 1800 रुपये की रिश्वत ली गई टीम ने तुरंत छापेमारी कर जिला कल्याण पदाधिकारी मनोज कुमार अग्रवाल और उनके नजीर जिवेन्द्र कुमार सिंह को रंगेहाथ गिरफ्तार कर लिया।डीएसपी शिव कुमार साह ने बताया कि आरोपी अधिकारी द्वारा हर बिल पास करने के बदले रिश्वत की मांग की जा रही थी। जिसकी शिकायतें पहले भी मिल चुकी थीं। गिरफ्तारी के बाद दोनों आरोपियों को आज भागलपुर के विजिलेंस कोर्ट में प्रस्तुत किया गया। जहां से उन्हें न्यायिक हिरासत में जेल भेज दिया गया।

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